राजस्थान की भजनलाल सरकार आज अपना तीसरा आम बजट पेश करने जा रही है। प्रदेश की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार को सुबह 11:15 बजे विधानसभा में डिजिटल बजट प्रस्तुत करेंगी। बजट को लेकर पूरे प्रदेश के साथ-साथ सलूम्बर जिले के लोगों की उम्मीदें भी चरम पर हैं। सीएम ने विधायकों से किया संवाद
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बजट से पहले सभी भाजपा विधायकों एवं विधानसभा प्रत्याशियों से संवाद कर चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार बजट में जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर खास फोकस रहेगा। सलूम्बर की जनता को सरकार से उम्मीदें… सलूम्बर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण अब भी मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में उनके लंबे समय से लंबित मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी। सड़कों का हाल सुधरे
हाल में ही सलूंबर को जिला बनाया गया है। ऐसे में यहां के लोगों को उम्मीद है। गांव-गांव की जिला मुख्यालय से कनेक्टिविटी सुगम हो। जिससे आवागन में सुविधा मिले। साथ ही जर्जर सड़कों का पुनर्निमाण किया जाए। मुख्य रास्तों का चौड़ीकरण हो। ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली सड़कों को स्वीकृति दी जाए। बिजली की लगातार आपूर्ति के साथ नए कनेक्शन मिलें
आदिवासी क्षेत्र होने के चलते सलूंबर में बिजली की समस्या अधिक है। ऐसे में निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ कृषि कनेक्शन बढने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर वोल्टेज की समस्या रहती है। इसलिए नए जीएसएस और ट्रांसफॉर्मर लगाने की जरूरत है। पेयजल संकट का हो स्थायी समाधान
सलूम्बर जिला मुख्यालय पर सरणी नदी के दोनो तरफ रिर्टनिंग वॉल, घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण को लेकर लोगों को उम्मीदें हैं। साथ ही जिले में पेयजल आपूर्ति के समाधान की लोग मांग कर रहे हैं। साथ ही जल-जीवन मिशन को गति मिले। बांध-नहरों की मरम्मत हो। कृषि एव उच्च शिक्षा संस्थानों की जरूरत
सलूंबर में एग्रीकल्चर और उच्चा शिक्षण संस्थान नहीं होने के चलते स्टूडेंट्स को बाहर जाने की जरूरत होती है। ऐसे में लोगों की मांग है कि यहां कृषि कॉलेज, टेक्निकल कॉलेज के साथ उच्च शिक्षा की सुविधा मिले। साथ ही दूरस्थ स्थित स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति हो। नए छात्रावास के साथ स्मार्ट क्लास बनाईं जाएं। सरकार के बजट से किसानों को उम्मीद
भजनलाल सरकार के तीसरे बजट में किसान सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं। जिसमें सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, फसल बीमा और अनुदान में बढ़ोतरी, आदिवासी किसानों के लिए विशेष योजनाएं जैसी मांग शामिल हैं। चिकित्सा सुविधा भी अहम मुद्दा
सलूंबर जिला मुख्यालय की जनसंख्या 25 हजार से ज्यादा है। ऐसे में आमजन के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए सेटेलाइट अस्पताल, जिला अस्पताल की मांग की जा रही है। साथ ही सराड़ा में ट्रोमा सेंटर, अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्त जैसी मांग शामिल हैं। सलूंबर जिले के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह बजट केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर जमीनी जरूरतों को पूरा करने वाला साबित होगा।


