राज्य सरकार अगले 4 साल में प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च करने जा रही है। इसे लेकर आज सीएम भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में सीएमआर में बैंक ऑफ बड़ौदा औऱ बैंक ऑफ महाराष्ट्रा के साथ एमओयू हुआ। एमओयू के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा अगले छह सालों तक यानि 31 मार्च 2030 तक, प्रति वर्ष 20 हजार करोड़ रुपए का ऋण प्रदान करेगा। इसके साथ ही, बैंक ऑफ महाराष्ट्र भी प्रति वर्ष 10,000 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराएगा। यह धनराशि राजस्थान सरकार की विभिन्न परियोजनाओं, विशेषकर आधारभूत ढांचा क्षेत्र जैसे बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा, सड़क, पेयजल और स्वच्छता के लिए उपयोग की जाएगी। सड़कों पर खर्च होंगे 60 हजार करोड़
इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने 5 साल के इस कार्यकाल में 53 हजार किलोमीटर का सड़क नेटवर्क तैयार करने के लिए 60 हजार करोड़ रुपए व्यय करने का फैसला किया हैं। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में भी हमने प्रदेश के विकास के लिए 35 लाख करोड़ के एमओयू किए हैं। बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से हर घर को रोशन करना, हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और ग्रामीण व शहरी सड़कों को बेहतर बनाना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरगामी सोच के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश की परिकल्पना के साथ कार्य कर रही हैं। दोनों बैंक के साथ सम्पन्न एमओयू राज्य के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में बड़ा कदम हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव वित्त (बजट) देबाशीष पृष्टी, बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी एवं सीईओ देबदत्त चंद, कार्यकारी निदेशक ललित त्यागी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक रोहित ऋषि सहित दोनो बैंकों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।


