सरगुजा में मौसम ड्राई रहने से अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है एवं अधिकतम तापमान बढ़कर 32 डिग्री के करीब पहुंच गया है। हालांकि रातें अब भी सर्द हैं। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान लगातार 12 डिग्री के आसपास बना हुआ है। पाट क्षेत्रों में लगातार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार सरगुजा में अगले एक सप्ताह तक न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी के आसार नहीं हैं सरगुजा संभाग में मौसम में बदलाव के बाद अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री के बीच बना हुआ है। वहीं न्यूनतम तापमान भी लगातार 11 से 12 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। मौसम साफ रहने से अधिकतम तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी हो सकती है। हालांकि एक सप्ताह तक न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी नहीं होगी। गुरूवार को अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया है। इस सीजन में यह अंबिकापुर का सर्वाधिक तापमान है। पाट क्षेत्रों में रातें अब भी सर्द
सरगुजा संभाग के पाट इलाकों में अब भी ठंड का असर जारी है। सरगुजा के मैनपाट, बलरामपुर के सामरी एवं कोरिया के सोनहत इलाकों में लगातार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। इसके कारण पाट क्षेत्रों में अब भी रातें सर्द हो रही हैं। सरगुजा के पाठ क्षेत्रों में मार्च के पहले पखवाड़े में ठंड का असर जारी रहने का पूर्वानुमान है। अंबिकापुर में 123 दिनों से नहीं हुई बारिश
अंबिकापुर में पिछले लगातार 123 दिनों से बारिश नहीं हुई है। एक सप्ताह पूर्व बलरामपुर, सूरजपुर संभाग के अन्य जिलों में बारिश के साथ ओले पड़े थे। अंबिकापुर में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार अंबिकापुर में 3 नवंबर के बाद बारिश दर्ज नहीं हुई है। अवर्षा की यह स्थिति तीन साल बाद बनी है। वर्ष 2022-23 में अंबिकापुर में 141 दिनों तक शून्य वर्षा हुई थी। वहीं वर्ष 2016-17 में 141 दिनों तक बारिश नहीं हुई थी। बारिश नहीं होने का सीधा नुकसान आम व लीची की फसलों का हो सकता है। आम के बौरों पर पानी नहीं पड़ा है, जिसके कारण फसल प्रभावित हो सकती है। तापमान में अंतर से बढ़ी मरीजों की संख्या
सरगुजा में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में करीब 20 डिग्री का अंतर बना हुआ है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सरगुजा में रातें सर्द होने के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ी है।


