पाकिस्तान के लाहौर हाईकोर्ट ने पंजाबी महिला सरबजीत कौर के मामले में विरोध पक्ष के एडवोकेट अली चंगेजी संधू को साल 2026 के लिए इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमेटी (IHRC) का को-चेयरमैन नियुक्त किया है। अली चंगेजी संधू को कल यानी 26 फरवरी को नियुक्त पत्र दिया गया। जबकि यह नियुक्ति 24 सितंबर 2025 से लागू मानी गई है। यह सम्मान उन्हें सरबजीत कौर के मामले में उनके साहसी और बेहतरीन कानूनी काम के लिए दिया गया। सरबजीत कौर के पति की तरफ से भी एडवोकेट अली चंगेजी संधू ने हाईकोर्ट में सरबजीत की शादी रद्द करने की याचिका लगाई थी। यह दलील दी गई थी कि सरबजीत कौर ने पहले विवाह से तलाक नहीं लिया था, फिर इस्लाम कबूल कर पाकिस्तानी नागरिक से शादी की, जो पाकिस्तानी/इस्लामी कानून के तहत वैध नहीं है। प्रो बोनो सेवाओं से बनाई अलग पहचान जानकारी के अनुसार, संधू लॉ फर्म इंटरनेशनल के सीईओ के रूप में उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मामलों में प्रो बोनो (फ्री) सेवाएं प्रदान कीं, जो उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती हैं। मानव तस्करी, रेप, महिला अधिकार, पशु अधिकार और अन्य उच्च-प्रोफाइल मामलों में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है। हाईकोर्ट के सचिव ने दिया नियुक्ति पत्र लाहौर हाईकोर्ट के सचिव फरुख इलियास चीमा और एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट उसामा राठौर ने उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया। यह सम्मान उनके मानवीय और पेशेवर योगदान की आधिकारिक स्वीकृति है। **************** ये खबर भी पढ़ें: PAK गई पंजाबी महिला का पति हाईकोर्ट पहुंचा: बोला- तलाक नहीं हुआ; मुस्लिम पति ने अश्लील फोटो-VIDEO से ब्लैकमेल कर रेप किया सिख जत्थे के साथ दर्शन के बहाने पाकिस्तान जाकर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत का पति करनैल सिंह लाहौर हाईकोर्ट पहुंच गया है। करनैल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरबजीत को पाकिस्तान से निकालने और भारत भेजने की मांग की है। करनैल ने दावा किया कि सरबजीत ने उससे तलाक नहीं लिया। इसके बावजूद दूसरी शादी कर ली। उसे अश्लील फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल किया गया। ब्लैकमेलिंग के जरिए दुबई से उससे पैसे भी मंगाए गए।


