सरहुल . सरना स्थलों में सखुआ फूल, लाल साग व तपावन चढ़ाकर की गई पूजा

सिटी रिपोर्टर | रांची महापर्व सरहुल मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। सरहुल का उद्गम स्थल मोरहाबादी स्थित हातमा सरना स्थल समेत सहित शहर के सभी सरना स्थलों में परंपरागत रीति-रिवाज से सरहुल की पारंपरिक पूजा की गई। मुख्य पाहन जगलाल ने उपवास रखकर सुबह 10 बजे विधि-विधान के साथ सरहुल पूजा कराई। सरई फूल, अक्षत, अरवा चावल, हड़िया आदि पूजन सामग्री के साथ विधिवत पूजन संपन्न हुई। इसके बाद सरना स्थल में सोमवार को रखे गए दो घड़े में पानी को पाहन जगलाल ने देखा और बारिश की भविष्यवाणी की। इस बार बारिश सामान्य से कम होगी। फिर लोगों ने पाहन को स्नान कराया और उनके पैर धोए। मुख्य सरना स्थल सरना टोली हातमा में पूजा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन व केंद्रीय सरना समिति अध्यक्ष बबलू मुंडा के साथ अन्य लोग शामिल हुए। इधर, दोही टोली हातमा में मुख्य रूकू मुंडा ने पारंपरिक विधि से पूजा कराई। पूजा के बाद महिलाओं द्वारा उन्हें पीतल लोटे के जल से स्नान कराया गया। इसके बाद सभी ने सरना स्थल में पूजा और परिक्रमा की। साथ ही सखुआ फूल, लाल साग, कटहल, जोकी (सहजन), हड़ी पानी का तपावन चढ़ाकर सूर्य देव, प्रकृति की देवी व ग्राम देवता से राज्य और गांव की खुशहाली और अच्छे मानसून की कामना की।

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