सराफा व्यापारी पर हमले का मामला, गोलीकांड के संदिग्धों की तलाश में पहुंची पुलिस पर हमला
ईरानी बाड़ा की घटना, 18 आरोपियों पर प्रकरण दर्ज
अनूपपुर। पुलिस के साथ झड़प करने वाले 4 आरोपियों को बुढार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिरोज अली, मनोहर अली समेत दो अन्य को बुढार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सराफा व्यापारी पर गोली चलाए जाने के एक मामले में जांच पड़ताल करने गए पुलिसकर्मियों से ईरानी मोहल्ले के लोगों ने झूमाझपटी और उन पर पथराव किया था जिसमें एक महिला पुलिस कर्मी समेत अन्य पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में 18 लोगों समेत 4 अन्य के खिलाफ बुढार थाने में मामला दर्ज किया था। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पुलिस पर हमले की लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। मऊगंज व इंदौर के बाद जिले के बुढ़ार के थाना क्षेत्र में भी पुलिस कर्मियों पर हमले घटना हुई है। यह घटना बुढ़ार के ईरानी बाड़ा में बीती रात उस समय हुई जब पुलिस विगत दिवस सराफा कारोबारियों के साथ हुई गोलीकांड के संदिग्धों की तलाश में वहां पहुंची थी। थाने में 18 नामजद सहित अन्य आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। घटनाक्रम के बारे में मिली जानकारी के अनुसार सराफा व्यापारियों पर गोली चलाते वक्त आरोपी जिस बाइक में थे, उसी तरह का वाहन ईरानी बाड़ा में होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिस पर रात करीब 10 बजे पुलिस ईरानी मोहल्ला पहुंची, लेकिन रास्ता संकीर्ण होने पर गाड़ी नहीं जा सकी। पुलिस गाड़ी से उतकर आरक्षक बलभद्र सिंह पैदल पहुंचा। मोहल्ले में मिले फिरोज अली जाफरी से उक्त बाइक के संबंध में पूछा तो गाली गलौज करने लगा। इसके बाद ईरानी मोहल्ला के अन्य लोग आ पहुंचे और आरक्षक के साथ झूमा झटकी कर धक्का मुक्की करने लगे। यह देख वाहन में मौजूद पुलिस का स्टॉफ दौड़कर बीच बचाव करने लगा लेकिन दर्जनों लोग पत्थर लेकर पुलिस स्टाफ को मारने दौड़े। हमले में आरक्षक सहित अन्य स्टॉफ को चोटें आईं। हमले में महिला आरक्षक सरिता, आरक्षक आशीष तिवारी भी चोटिल हुए। पता चला है कि पुलिस वाहन में भी तोड़फोड़ की गई।
बुढ़ार रेलवे स्टेशन और इसके आसपास लगभग 40-50 वर्षों से ईरानी प्रवासियों की बसाहट है। सूत्र बताते हैं कि यह मोहल्ला तब बसा जब ईरान और ईराक के बीच निरंतर 15 वर्षों तक युद्ध चला था, इस युद्ध में ईरान की सरकार ने सैनिकों की कमी होने पर 15 वर्ष के भी बच्चों को युद्ध प्रशिक्षण देकर युद्ध के मैदान में जबरन उतार दिया था। अपने बच्चों और जान माल की रक्षा को आशंकित और युद्ध की विभीषिका से परेशान ईरान के लोग दूसरे देशों में शरण ले रहे थे। उस वक्त पाकिस्तान की सीमा से भारत की सीमा अवैध रूप से घुसे लोग भारत के विभिन्न भागों में जा बसे।
सराफा व्यापारी पर गोली चलाने के मामले में अपराधी की धर पकड़ को गई पुलिस टीम पर ईरानी मोहल्ले हुई झूमाझपटी और पथराव के खिलाफ आरक्षक की शिकायत पर धारा 132, 221, 296, 115 (2), 351 (3), 3 (5) बीएनएस का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। गौरतलब है कि गोलीकांड के आरोपी अभी तक पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। सराफा व्यापारियों को उस समय गोली मारी गई थी जब वे साप्ताहिक बाजार से दुकान लगाकर वापस लौट रहे थे। इस घटना के बाद आरोपियों में पुलिस का खौफ नजर नहीं आया। इसे लेकर भी चर्चा है।


