भास्कर न्यूज | चाईबासा मौसम में आ रही परिवर्तन की वजह से पश्चिमी सिंहभूम जिले में मौसमी बीमारी पांव पसार रही है। शहर से लेकर गांव तक सर्दी- खांसी, फीवर, हाथ पैर व जोड़ -जोड़ में दर्द की लोगों को शिकायत हो रही। पीड़ित व्यक्ति को सुस्त व कमजोरी महसूस होती है। दवा का सेवन करने के बाद ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग रहा है। मौसम में आई बदलाव के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या जिले के सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में बढ़ गई है। लोग सरकारी तथा प्राइवेट क्लीनिक से दवा लेकर घर पर अपना इलाज करा रहे हैं। एक परिवार में यदि किसी एक को सर्दी खांसी की शिकायत हुई तो परिवार के सभी लोगों को यह वायरल फीवर धीरे-धीरे अपने चपेट में ले रहा है। प्रत्येक दिन सदर अस्पताल में ढाई से 300 मरीज आ रहे हैं। जिसमें वायरल फीवर के अधिकतर मरीज शामिल होते हैं। सरायकेला । रंगों के पर्व होली में जहां पूरा जिला उल्लास और उमंग में डूबने को तैयार है, वहीं किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। हुड़दंग, सड़क दुर्घटना, मारपीट या रंग-रसायनों से होने वाली संभावित घटनाओं को देखते हुए सदर अस्पताल में लगभग 200 बेड पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि आपात स्थिति में एक साथ 200 मरीजों का इलाज संभव हो सके। उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने होली को लेकर स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। उनके आदेश के आलोक में प्रभारी सिविल सर्जन सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. डा जुझार माझी ने सदर अस्पताल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि इमरजेंसी और आउटडोर यूनिट पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रहे तथा सभी आवश्यक दवाएं और उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। डॉ. माझी ने कहा कि होली के दौरान चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी रोस्टर के अनुसार 24 घंटे अलर्ट मोड में रहेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और मरीजों की सुविधा पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही अस्पताल की एंबुलेंस सेवा तथा राज्य सरकार से प्राप्त 108 एंबुलेंस को भी पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि सूचना मिलते ही त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। होली पर 4 मार्च को सभी देसी व कंपोजिट शराब दुकानें बंद रहेंगी : होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अहम निर्णय लिया है। 4 मार्च को जिले की सभी देसी एवं कंपोजिट शराब दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज के निर्देशानुसार आदेश जारी कर दिया गया है। पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। सभी संबंधित दुकानदारों को निर्धारित तिथि पर दुकानें बंद रखने का निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। ^सदर अस्पताल में वायरल फीवर से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। जब भी वायरल फीवर की शिकायत हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर मरीज का जांच कराएं, सदर अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वायरल फीवर का दवा उपलब्ध है।मरीज लाभ उठाएं। डॉक्टर शिवचरण हांसदा, उपाधीक्षक सदर अस्पताल चाईबासा। ^सदर अस्पताल के नए प्रभारी सिविल सर्जन मीना कालुंडिया ने कहा कि शरद गरम के कारण सर्दी, खांसी बुखार की शिकायत लोगों में हो रही है। पहले सर्दी खांसी का दवा खाने के बाद तीन-चार दिन में बुखार उतरता था लेकिन अब सप्ताह भर लग रहे हैं। कोल्डड्रिंक, आइस्क्रीम आदि का सेवन से परहेज़ करना चाहिए। इस मौसम में खासकर बच्चों को इस तरह के खाद्य व पेय पदार्थ से दूर रखें। मौसम को देखते हुए रात को चादर ओढ़कर सोना चाहिए। सुबह और रात को गुनगुना पानी का सेवन करना चाहिए। डॉ मीना कालुंडिया, सिविल सर्जन चाईबासा।


