सरिस्का ​​​​​​​में विदेशी पक्षियों का डेरा:जलाशयों के पास अठखेलियां करते दिखते, DFO बोले-  यूरोप से सबसे ज्यादा आते

टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट सरिस्का में टूरिस्ट के लिए विदेशी पक्षी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सर्दी में हजारों किलोमीटर दूर से उड़कर विदेशी परिंदों का झुंड आया है। ये पक्षी कभी पानी के ऊपर अठखेलियां करते दिखते हैं तो कभी एक कतार में आकाश में उड़ान भरते नजर आते हैं। ये नजारा देखकर टूरिस्ट भी रोमांचित हो उठते हैं। इन दिनों सरिस्का में कई देशों से आए प्रवासी पक्षी शामिल हैं। अन्य सालों की तुलना में इस बार भी प्रवासी पक्षियों की संख्या ज्यादा है। यूरोप से ज्यादा आते पक्षी
सरिस्का बाघ परियोजना में स्थित जलाशय करना का बास हनुमान सागर, सिलीसेढ झील, जयसमंद सहित कई जलाशयों में विदेशी परिंदे पहुंचे हुए हैं। DFO अभिमन्यु साहरण ने बताया- प्रवासी पक्षी चीन के अलावा यूरोप से ज्यादा आते हैं, जिसमें 12 रीडगी, रूडी सेल्स पक्षी हैं। काकवाडी तालाब में काफी संख्या में हैं। करना का वास, देवरी गांव क्रासका के तालाब के पास प्रवासी पक्षियों की तादाद बढ़ी है। इस बार बारिश अच्छी हुई है। पूरे राजस्थान में अन्य जलाशयों में काफी पानी है। वहां पर भी प्रवासी पक्षी हैं। उधर, पानी कम होने पर पक्षी इधर बढ़ सकते हैं। विदेश परिंदों की अठखेलियां देखकर रोमांचित हो रहे टूरिस्ट
वन्यजीव प्रेमी लोकेश ने कहा- सरिस्का दुनिया में टाइगर के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। अब यहां विदेश परिंदों की भी भरमार है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह बेहद सुखद है। यहां अब टूरिस्ट को भरपूर आनंद आता है। यहां आने वाले टूरिस्ट टाइगर की साइटिंग के अलावा इन परिंदों की अठखेलियों को अपने कैमरों में कैद करते दिखते हैं। हरे-भरे और घने जंगल में पहाड़ियों के बीच बने जलाशयों पर विदेशी पक्षियों का गीत सुनने को मिलता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *