कड़ाके की सर्दी में बच्चों और बुजुर्गो का स्वास्थ्य बिगड़़ रहा है। राजकीय बीडीके अस्पताल में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। सर्दी का सबसे ज्यादा असर बच्चां पर पड़ रहा है। नवजात शिशु एवं बच्चों में खांसी, नाक से पानी आने के साथ-साथ, चिड़चिड़ापन के लक्षण नजर आ रहे है। इस बार बच्चों में निमोनिया का अलग ही ट्रेंड दिख रहा है। ज्यादातर बच्चों को बुखार नहीं आ रहा है, सांस लेने में परेशानी, रात में ज्यादा खांसी आना, चिड़चिडापन नजर आ रहा है। बच्चों में वायरल का असर तीन से पांच दिन तक रह रहा है। सीबीसी एक्स-रे, ईएसआर और सीआरपीक्यू जांचे नॉर्मल आ रहें हैं। कुछ रोगियों में लिम्फोसाइटस एवं सीआरपीक्यू बढ़ा हुआ आ रहा है । राजकीय बीडीके अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र सिंह भांबू ने बताया कि निमोनिया वायरल संक्रमण की पुष्टि के लिए पहले चिकित्सक जांच करा रहे हैं। इसके बाद ही मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है। बच्चों की इम्यूनिटी को उच्च स्तर पर बनाए रखें। हाईड्रेशन का विशेष ध्यान रखें। सर्दियों में प्रदूषण जनित अधिकांश संक्रमण में वायरल मुख्य कारक रहते हैं। बच्चें के माता -पिता सावधानी बरते। ये सावधानियां दिन में कमरें की खिड़कियां खुली रखें। रात में कमरें का तापमान को उचित बनाएं रखें, पूर्णतया पहन ओढ़कर रहे। हीटर का प्रयोग पूरी रात में नहीं करें, क्योंकि इससे कमरें की हवा की नमीं का स्तर गिरता है। खानपान को शुद्ध बनाएं रखें। बच्चों को पूर्ण टीकाकरणप करवाएं।


