सर्विक्स कैंसर का कहर:राजस्थान में 7 साल में 287 फीसदी मौतें बढ़ीं; एक साल में 5319 मरीज नए आए

अब हर बच्ची को सर्विक्स कैंसर से बचाने के लिए फ्री वैक्सीन लग सकेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अजमेर से 9 से 14 साल तक की बालिकाओं को एचपीवी टीके की खुराक देकर टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। ऐसे में राजस्थान की बच्चियों को सबसे अधिक राहत मिलेगी, क्योंकि पड़ोसी राज्यों के मुकाबले यहां सर्विक्स कैंसर के केस करीब 35 फीसदी से अधिक हैं। हालांकि इससे पहले भी सरकारें दो बार फ्री वैक्सीनेशन की घोषणा कर चुकी थीं, लेकिन हर बार प्रोजेक्ट अटक गया। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले तीन सालों में प्रदेश में सर्विक्स कैंसर की मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यह वह संख्या है जो सामने आई है। यदि सर्वे कराया जाए तो आंकड़ा बेहद डराने वाला है। ऐसे में फ्री लगने वाला यह टीका लाखों बच्चियों के लिए वरदान साबित होगा। …और ये भी; साल 2024 में ही सभी तरह के कैंसर से 3,845 लोगों की मौत हो चुकी है राजस्थान सरकार के चिकित्सीय प्रमाणित मौत के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में प्रदेश में 258 महिलाओं की सर्वाइकल और प्रजनन अंग कैंसर से मौत हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि सात साल के दौरान प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से मौत का आंकड़ा 287 फीसदी बढ़ गया। 2017 में प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से महिलाओं की मौत का आंकड़ा 65 था। इतना ही नहीं, सर्वाइकल कैंसर से मरने वाली महिलाओं में सबसे ज्यादा 45 से 54 वर्ष की महिलाएं हैं। 2024 में चिकित्सीय प्रमाणित मौत में कैंसर से प्रदेश में 3,845 लोगों की मौत हुई थी। इसमें करीब 7 फीसदी सर्वाइकल कैंसर पीड़ित थीं। हालांकि, यह आंकड़ा बड़ा हो सकता है। प्रदेश में साल 2024 में पंजीकृत मौत का आंकड़ा 4.74 लाख था। इसमें डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित मौत का आंकड़ा 1,07,301 था, जो कुल पंजीकृत मौत का 22.63 फीसदी है। ऐसे में यह संभावना है कि प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु का आंकड़ा बड़ा हो सकता है। कम उम्र में बच्चियों को टीका लगे तो रुक सकता है मर्ज 9 से 14 की उम्र में शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति बहुत अच्छी प्रतिक्रिया देती है। इस उम्र में टीका लगने पर शरीर अधिक मात्रा में सुरक्षा देने वाली प्रतिरक्षा बनाता है। साथ ही 15 साल से पहले आमतौर पर 2 खुराक पर्याप्त मानी जाती हैं, जबकि 15 साल के बाद 3 खुराक की जरूरत पड़ती है। 16 से 26 साल तक की उम्र में भी इसे लगवाया जाता है। लेकिन यदि किसी को पहले से एचपीवी का संक्रमण हो चुका है, तो टीका उस प्रकार के वायरस पर असर नहीं करेगा। इसलिए उम्र बढ़ने के साथ इसकी प्रभावशीलता थोड़ी कम हो सकती है। कम उम्र में शादी व जागरूकता न होने से केस बढ़े राजस्थान में जल्दी शादी का ट्रेंड है और अभी परिवारों में इस कैंसर के प्रति अवेयरनेस कम है। वहीं यह टीका तीन बार लगता है और करीब हर बच्ची पर 15 हजार रुपए का खर्च आता है। ऐसे में अधिकांश परिवार इसे लगवाते ही नहीं हैं। सर्विक्स कैंसर के 70 प्रतिशत मामले एचपीवी वायरस के कारण होते हैं और यह टीका पूरी तरह से सुरक्षा देता है। ऐसे में इन 70 प्रतिशत मामलों को पूरी तरह से बचाया जा सकता है। पहली स्टेज में पूरी तरह बीमारी ठीक हो जाती है

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