भास्कर न्यूज | अंबिकापुर/मैनपाट जिले के मैनपाट के उरगा गांव में शुक्रवार रात एक किसान के सूने घर में आग लग गई। कच्चे मकान की छानी (छत) से सुलगी आग ने देखते ही देखते पूरे घर को चपेट में ले लिया। इसके बारे में तब पता चला, जब पड़ोसियों ने छानी पर लपटों को उठते देखा। घटना के समय घर पर कोई नहीं था। मकान मालिक धनी राम की पत्नी बुधनी कुछ दूरी पर अपने बेटे के नए घर गई थी। घटना के बारे में पता चलने पर बुधनी व उसका बेटा भागते हुए पहुंचे, लेकिन तब तक आग पूरे घर में फैल चुकी थी। इस बीच ये पता चला कि घर की परछी में एक जोड़ी बैल बंधे हुए हैं। बैलों को बचाने एक युवक हिम्मत बांधकर अंदर घुसा और रस्सी खोलकर उन्हें बाहर निकाला, जिससे दोनों की जान बच गई। लोगों ने आग बुझाने आसपास की बोरिंग चालू कर पानी डाला। इससे आग दूसरे घरों तक नहीं फैली। मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी, लेकिन तब तक मकान व उसमें रखा सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। टली बड़ी घटना: घर में नहीं था कोई भी धनी दास मजदूरी के लिए कहीं बाहर गया था। कच्चे मकान में उसकी पत्नी बुधनी बाई रहती थी। उसका एक बेटा कच्चे मकान से कुछ दूर एक नया घर बनाया है। वह घटना के समय नए मकान में था। बुधनी भी घटना के समय बेटे के पास थी। इससे घर में कोई नहीं था।


