भास्कर न्यूज |गिरिडीह सलूजा गोल्ड कॉलेज ऑफ फार्मेसी में शनिवार को ‘फार्मेसी एजुकेशन डे’ मनाया गया। कॉलेज परिसर में “फ्यूचर फार्मा इकोसिस्टम” थीम के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न सत्रों के माध्यम से छात्रों को फार्मेसी शिक्षा के महत्व, भविष्य की संभावनाओं और इस क्षेत्र में हो रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि बदलते समय के साथ फार्मेसी का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें रिसर्च, इंडस्ट्री, क्लीनिकल प्रैक्टिस तथा रेगुलेटरी सेक्टर में युवाओं के लिए कई नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। प्राचार्य दिवाकर तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि फार्मेसी केवल दवाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे मेहनत, अनुशासन और नवाचार की सोच के साथ आगे बढ़ें, तो फार्मेसी के क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में फार्मा इंडस्ट्री में रिसर्च और नई तकनीकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।कार्यक्रम के दौरान छात्रों को इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग, नई शोध प्रवृत्तियों और आधुनिक फार्मा तकनीकों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही छात्रों को अपने ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कॉलेज के शिक्षकगण, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को फार्मेसी शिक्षा के महत्व से अवगत कराना और उन्हें इस क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के प्रति प्रेरित करना था। दौरान छात्रों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल देखने को मिला।


