सलूंबर जिले की सेमारी पंचायत समिति की सभी ग्राम पंचायतों में सोमवार को ‘प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान’ शुरू किया गया। यह अभियान 16 से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से मुक्त करना है। सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में बताया
अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत राठौड़ा से हुई, जहां बाजार क्षेत्र में दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं और ठेला चालकों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें प्लास्टिक का उपयोग न करने की शपथ भी दिलाई गई। ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) सुभाष मधुकर ने की। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी शंकर कुम्भार, प्रशासक सरपंच पुष्पा मीणा, सरपंच प्रतिनिधि पुनीत मीणा और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संदीप चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संदीप चतुर्वेदी ने बताया कि यह विशेष अभियान राज्य स्तर पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत चलाया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य गांवों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और अन्य कचरे से पूरी तरह मुक्त करना है। प्लास्टिक के खतरों के बारे में किया सचेत
चतुर्वेदी ने यह भी बताया-अभियान के दौरान घर-घर संपर्क कर ग्रामीणों को प्लास्टिक के खतरों के बारे में सचेत किया जाएगा। बाजारों में कपड़े और जूट के थैलों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही सामूहिक श्रमदान के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों की सफाई की जाएगी। बीडीओ सुभाष मधुकर ने कहा कि ‘स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ हमारा घर-घर, ढाणी-ढाणी राजस्थान’ के संकल्प के साथ यह अभियान जनभागीदारी पर आधारित है। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से ही गांवों को स्थायी रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है। अभियान के तहत पंचायत स्तर पर रैलियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, दीवार लेखन और विभिन्न स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार कर स्वच्छ और स्वस्थ राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।


