सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में बड़े पैमाने की पेड़ों की अवैध कटाई हुई। इसके खिलाफ स्थायी लोक अदालत में जनहित याचिका दायर की गई। शुक्रवार को इस पर सुनवाई होनी थी लेकिन स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष और जिला जज के अवकाश पर चले जाने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में सभी अप्रार्थियों को नोटिस जारी कर तामील किया जा चुका है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता जगन्नाथ चौधरी, राजेश मीणा, मुकेश भूप्रेमी, प्रेमराज मीणा एवं भारत लाल मीणा ने बताया- अगली स्थायी लोक अदालत 25 फरवरी को आयोजित होगी। इसमें पेड़ों की अवैध कटाई को अतिआवश्यक मामला मानते हुए तुरंत सुनवाई और तत्काल अंतरिम रोक की मांग की जाएगी। बिना अनुमति 150 से अधिक पेड़ काटे PWD विभाग की ओर से दिसंबर माह 2025 में तहसीलदार कार्यालय में वृक्ष कटाई की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन तहसीलदार कार्यालय से कोई भी अनुमति जारी नहीं की गई। इसके बावजूद अनाज मंडी रोड पर लगभग 150 से अधिक पेड़ काट दिए गए। जबकि आज भी करीब 100 पेड़ (छोटे व बड़े मिलाकर) खड़े हैं, जिन पर कटाई का खतरा बना हुआ है। याचिकाकर्ताओं ने इसे कानून का खुला उल्लंघन और संगठित पर्यावरण अपराध बताया है।
विरोध के बावजूद नहीं रोकी कटाई स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं पेड़ बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों ने लगातार विरोध किया। लेकिन कटाई नहीं रोकी गई। व्यस्त सड़क पर बिना बैरिकेडिंग, बिना सुरक्षा इंतजाम और बिना सार्वजनिक सूचना के कटाई की गई। मंडी रोड पर कई लोगों ने सख्त विरोध किया तब भी नहीं पेड़ को काट दिया गया यहां तक के लोगों ने हाथ भी जोड़ उसके बावजूद पेड़ों को अंधाधुंध तरीके से काट दिया गया। इस बारे में आंदोलन कार्यकर्ताओं को बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष सोहन सिंह नरूका ने बताया- मेरी पार्टी की सरकार होने के बावजूद भी मैं अपने पिताजी द्वारा लगाए गए पेड़ों को नहीं बचा पाया एक पेड़ बड़ी मुश्किल से बचाया था।


