सवाई माधोपुर स्थापना दिवस विशेष:कहानी सवाई माधोपुर के विश्व पर्यटन मानचित्र में अपनी अलग पहचान बनाने की

सवाई माधोपुर आज अपना 262 वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर दैनिक भास्कर आपको सवाई माधोपुर के विश्व पर्यटन मानचित्र में अपनी अलग पहचान बनाने की कहानी से रू-ब-रू करवाने जा रहा है। रणथम्भौर नेशनल पार्क विश्व मानचित्र में अपनी अलग पहचान रखता है। इसे सबसे पहले जयपुर रियासत ने 1955 में गेम सेंचुरी के रूप में स्थापित किया गया था। जहां एक निर्धारित शुल्क लेकर शिकार करवाया जाता है। ब्रिटेन की पूर्व महारानी एलिजाबेथ द्वितीय आई रणथम्भौर सबसे पहले रणथम्भौर ने ब्रिटेन की पूर्व महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के भारत यात्रा के दौरान रणथम्भौर आने पर सुर्खियां बटोरी। 1961 में एलिजाबेथ द्वितीय ने पहली बार 1961 में भारत का दौरा किया। ब्रिटेन की महारानी और उनके पति प्रिंस फिलिप ने जयपुर राजपरिवार की मेजबानी को स्वीकार किया था। इस दौरान वह जयपुर रियासत की शिकारगाह कहे जाने वाले रणथंभौर भी आई थी। उन्होंने और उनके पति प्रिंस फिलिप ने टाइगर का भी शिकार किया था। साल 1973 में यहां नीदरलैंड के राजकुमार पहुंचे। उनका यह दौरा भी सवाई माधोपुर से जुड़ा हुआ था। जिससे सवाई माधोपुर का रणथम्भौर फिर सुर्खियों में रहा। इसी के साल पूरे भारत में बाघ परियोजना शुरू की गई, तभी रणथम्भौर को टाइगर प्रोजेक्ट बनाया गया। इसे राजस्थान का पहला टाइगर प्रोजेक्ट व नेशनल पार्क होने का गौरव भी प्राप्त है। वर्तमान में रणथंभौर टाइगर रिजर्व 1700 km² एरिया में फैला हुआ है। तत्कालीन प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री राजीव गांधी सात दिन रणथम्भौर में ठहरे साल 1986 में 23 सदस्यीय समूह में राजीव गांधी, पत्नी सोनिया गांधी और बच्चे राहुल और प्रियंका, सोनिया के माता-पिता और इटली से आठ रिश्तेदार, बृजेंद्र सिंह और उनका परिवार और अमिताभ बच्चन, पत्नी जया बच्चन और दो बच्चे अभिषेक और श्वेता शामिल रणथम्भौर पहुंचे थे। यहां वह सात दिन तक रूके थे। उनकी इस यात्रा ने रणथम्भौर को विश्व मीडिया में पहचान दिलाई। जिससे बाद यहां‌ दुनियाभर से पर्यटक पहुंचने लगे। यहां दुनिया के सभी देशों के राजदूत पहुंचने लगे और रणथम्भौर की लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ने लगी। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने की रणथम्भौर में सफारी तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने मार्च 2000 में अपनी भारत यात्रा के दौरान रणथम्भौर नेशनल पार्क का दौरा किया था। उनका रणथम्भौर दौरा फिर विश्व मीडिया में चर्चाओं में रहा। जिसके बाद सवाई माधोपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र में स्थान मिला और आज वह अपनी अलग पहचान रखता है। रणथम्भौर में आने वाले वीआईपीज की लंबी फेहरिस्त रणथम्भौर में अब तक आलिया भट्ट, रणवीर कपूर, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, मलाइका अरोड़ा, अक्षय कुमार, रितेश देखमुख, जॉन इब्राहिम, क्रिकेटर राहुल द्रविड़, रॉस टेलर, अजिक्यां रहाणे, पंकज सिंह, गायक सलमान अली, सीआईडी फेम शिवाजी सात्यम , भारत रत्न सचिन तेंदुलकर और उनकी पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर , अभिनेत्री पूनम ढिल्लो, भूमि पेडनेकर, दिशा परमार, अल्लू अर्जुन, कैटरीना कैफ, विक्की कौशल, प्रियंका गांधी सहित कई बड़ी हस्तियां रणथम्भौर भ्रमण पर आ चुकी है। सालाना चार लाख पर्यटक आते हैं रणथम्भौर सवाई माधोपुर में अब हर साल देश और दुनिया भर एक कोने से पर्यटक रणथम्भौर में टाइगर सफारी करने पहुंचते हैं। यहां साल 2023-24 के वन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार करीब चार लाख पर्यटकों ने टाइगर सफारी की। जिससे सरकार को करीब 60 करोड़ के राजस्व मिला है। जबकि इस आंकड़े में रणथम्भौर फोर्ट करने वाले पर्यटकों को‌ भी जोड़ दें तो यह दस लाख से ज्यादा पर पहुंच जाता है।

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