सवा लाख ने दी बीएड की प्रवेश परीक्षा:डीएलएड में पूछा- सोमवार, नींबू, हिंदी और दाल में कौन सा शब्द हमेशा पुल्लिंग रहता है?

सोमवार, नींबू, हिंदी व दाल में कौन सा शब्द हमेशा पुल्लिंग रहता है। इस प्रश्न के जवाब के लिए सही विकल्प का चयन करना था। जैसे, सोमवार या नींबू सही है या हिंदी व दाल सही है या सोमवार, नींबू, दाल या सोमवार, नींबू व हिंदी सही है।
इसी तरह आंखें बंद करना मुहावरे का क्या अर्थ है- विकल्प था अंधा हो जाना, जानबूझकर अनदेखा करना, आंख खराब कर लेना या आंखों से कुछ दिखाई न देना। यह सवाल डीएलएड प्रवेश परीक्षा में पूछे गए। इस परीक्षा में दो लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। इसी तरह सवा लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने बीएड प्रवेश परीक्षा दी। गुरुवार, 22 मई को यह प्रवेश परीक्षा प्रदेशभर में आयोजित की गई। हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार भी बीएड की तुलना में डीएलएड के लिए अधिक आवेदन आए थे। बीएड के लिए 1 लाख 90 हजार और डीएलएड के लिए 2.83 हजार फॉर्म आए थे। बड़ी संख्या में अभ्य​र्थियों ने परीक्षा भी दी। डीएलएड की परीक्षा में यह सवाल पूछे गए- रदरफोर्ड किस आविष्कार के लिए प्रसिद्ध हुए, एनईपी 2020 के अनुसार स्कूलों में खेल शिक्षा का अंतिम लक्ष्य क्या है, शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए, हिंदी भाषा में वर्णों की कुल संख्या कितनी है, मूल अधिकारों में से संपत्ति का अधिकार किस संशोधन अधिनियम द्वारा हटा दिया गया। इस प्रवेश परीक्षा के मॉडल आंसर कुछ दिनों में जारी होने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर इस साल होने वाले परीक्षाओं में व्यापमं से अब बीएससी नर्सिंग की 29 मई, एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक नर्सिंग की 5 जून को प्रवेश परीक्षा होगी। इस बार भी डीएलएड में प्रवेश के लिए होड़
डीएलएड में एडमिशन के लिए इस बार भी होड़ मचेगी। प्रदेश के करीब 90 संस्थानों में डीएलएड की 6720 सीटें हैं। इसकी प्रवेश परीक्षा के लिए 2 लाख 83 हजार ने फॉर्म भरा था। दो लाख से अधिक परीक्षा में शामिल हुए। उपस्थिति 73 प्रतिशत रही। इसी तरह प्रदेश में बीएड की 14400 सीटें हैं। इसकी प्रवेश परीक्षा के लिए 1 लाख 90 हजार ने आवेदन किया था। इसमें से करीब सवा लाख परीक्षा में शामिल हुए। उपस्थिति 67 प्रतिशत रही। रायपुर में बीएड के 16740 अभ्यर्थियों के लिए 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसी तरह डीएलएड के 19700 परीक्षार्थियों के लिए 51 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

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