जालोर के जसवंतपुरा थाना क्षेत्र में एक युवक को शादी का झांसा देकर दुल्हन व दलालों ने पीड़ित से साढ़े 3 लाख रुपए की ठगी की। शादी के 28 दिन बाद दुल्हन ससुराल से फरार गई। इस्तगासे के जरिए कोर्ट के आदेश पर जसवंतपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार- जसवंतपुरा निवासी पीड़ित मोहनसिंह ने रिपोर्ट दी। बताया कि करीब 8 माह पहले सिरोही जिले के रेवदर तहसील के दांतराई गांव निवासी ललित कुमार पुत्र कालूराम त्रिगर ने आकर मेरे भाई पप्पू सिंह से कहा कि मैं एक लडकी को जानता हूं। लड़की सीधी-साधी है और घरेलू है। आपके भाई मोहन सिंह की शादी भी करवा सकता हूं। मेरे भाई पप्पू सिंह ने उस पर भरोसा किया और शादी के लिए हां भर दी। इसके बाद ललित ने मुझे और मेरे भाई पप्पू सिंह को फोन पर गुजरात के बनासकांटा जिले के दाता निवासी लक्ष्मणभाई पुत्र चेलराम त्रिगर से बात कराई। उसने बताया लड़की की शादी कराने के लिए 2 लाख 50 हजार रुपए लड़की वालों को देने की मांग की। साथ ही ललित कुमार ने उसके भाई पप्पू सिंह को धोखे में रखकर 50 हजार रुपए दलाली का कमीशन ले लिया। इसके बाद लड़की खैर जोशी बेन की फोटो दिखाई गई। इस पर शादी की बात तय हो गई। 8 जून 2024 को शादी से इकरारनामा बनाने के साथ ही लड़की के भाई गुजरात के बनासकांटा जिले के दांता तहसील के बेरानी उम्बरी निवासी अमृतभाई पुत्र मालाभाई खैर विवाह कराने के लिए 2 लाख 50 हजार रुपए ले लिए। साथ ही शादी के कार्यक्रम में होने वाला खर्च के नाम पर 50 हजार रुपए अलग से लेकर पीड़ित के घर जसवतंपुरा में प्रार्थी मोहनसिंह पुत्र सांकलसिंह के साथ दुल्हन खैर जोशी बेन के साथ विवाह की रस्म पुरी की। जिसके बाद दुल्हन करीब 7 दिन ससुराल में रहने के बाद 15 जून को भाग गई। खोजने पर रेवदर में मिली। उसे फिर जसवंतपुरा लेकर आए, जहां वह करीब 21 दिन ससुराल में रही और फिर 6 जुलाई 2024 की शाम 5 बजे काम कर घर लौटा तो दुल्हन खैर जोशी बेन घर नहीं मिली। इसके बाद सभी को कॉल किया, लेकिन दुल्हन खैर जोशी बेन सहित अन्य दलाल भी फरार हो गए। जिनका फोन भी बंद आ रहा है। मामले की जसवतंपुरा थाने में रिपोर्ट दी। कोर्ट के आदेश पर 7 माह बाद दर्ज हुआ मामला
मोहन सिंह ने बताया कि पीड़ित ने जसवतंपुरा थाने में रिपोर्ट दी। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। 2 दिसंबर 2024 को जालोर एसपी के समक्ष पेश होकर परिवाद दिया। इसके बाद भी कार्यवाही नही हुई। पीड़ित ने 31 जनवरी 2025 को भीनमाल न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होकर इस्तगासा के जरिए 10 फरवरी को मामला दर्ज कराया।


