कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर के एक गांव के सरकारी स्कूल से सस्पेंड चल रही महिला लिपिक ने आत्महत्या का प्रयास किया। इस दौरान लोग एकत्र हो गए। महिला के सुसाइड करने के प्रयास पर लोगों और पुलिस ने पहुंचकर उसे रोका। मामला रविवार रात करीब 9 बजे तिजारा फाटक पुलिया का है। महिला का आरोप है- बानसूर के पूर्व एसएचओ सुरेंद्र मलिक व दो लोगों ने उसे हनी ट्रैप में फंसाया। महिला ने पूर्व एसएचओ सुरेंद्र मलिक सहित कुछ लोगों पर 15 लाख रुपए में सौदा करने का आरोप लगाया। वहीं कहा कि मुझे जानबूझकर झूठे केस में जेल भेजा। महिला ने कहा- एसएचओ और आरोपियों के खिलाफ पूरे सबूत दे दिए। इसके बावजूद आरोपियों को अरेस्ट नहीं किया जा रहा। महिला इस पुलिया पर चढ़ गई थी। महिला का आरोप है कि मैं 8 महीनों में खूब परेशान हो गई हूं। 8 महीने से पुलिस प्रशासन के चक्कर लगा रही हूं, लेकिन वे आरोपियों को बचाने में लगे हैं। महिलाकर्मी ने कहा- मैं मरना नहीं चाहती, लेकिन मुझे मजबूर किया जा रहा है। आरोप- सबूत देने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा
महिलाकर्मी ने कहा- पूर्व एसएचओ सुरेंद्र मलिक को बचाने के लिए अब पूरा पुलिस प्रशासन एक है। पुलिस उसे बचाना चाहती है। मैंने सब कागज सबूत दे दिए। इसके बावजूद आरोपी अरेस्ट नहीं किए जा रहे। आरोपी मेरा वीडियो दिखा रहे हैं। मुझे पहले 20 लाख रुपए देने का लालच दिया। अब 8 महीने हो गए। मैंने सब कागज व सबूत दे दिए। दो आरोपी मेरी वीडियो लोगों को दिखाते हैं। मैं मजबूर इसलिए हूं कि मुझे फंसाया और आरोपियों को अरेस्ट तक नहीं किया जा रहा है। जबकि उसने सब सबूत दिए हैं। पुलिस ने समझाकर उतारा
शिवाजी पार्क थाना प्रभारी चंद्रशेखर ने बताया कि रात को गश्त कर रहे थे। तिजारा पुलिया पर एक महिला आत्महत्या का कदम उठाने जैसे अवस्था में बैठी थी। राहगीरों ने भी महिला को समझाया। तब महिला ने बताया कि बानसूर थाने में एक मुकदमे में उसे गिरफ्तार किया गया। जबकि उसने नारायणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उस मामले में न्याय नहीं मिला है। हम मामले की पूरी जानकारी करेंगे। महिला से लिखित में शिकायत लेकर आगे जांच करेंगे। महिला के पति ने कहा- फोटो-वीडियो वायरल की देते थे धमकी
महिला के पति ने बताया- वर्ष 2020 में पत्नी को होलावास निवासी बुधराम सहित तीन लोग ब्लैकमेल कर रहे थे। वे बार-बार फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। वर्ष 2021 में पत्नी के साथ मारपीट भी की गई। कोविड के समय भी मारपीट की गई। थाने में जबर्दस्ती राजीनामा लिखवा लिया गया। इसके बाद पत्नी को ही फंसा कर उसे जेल भिजवा दिया। होलावास निवासी बुधराम बिजली का ठेकेदार है। उसने पहले पत्नी के भाई को नौकरी लगाने के नाम पर बुलाया था। इसके नाम से रुपए भी लिए थे। बाद में उसने पत्नी के गलत वीडियो बना लिए। इससे उसे ब्लैकमेल करने लगा। इसकी पुलिस को लगातार शिकायत दी। उन्होंने कहा- इस मामले के सबूत भी दिए, लेकिन थाने में पत्नी की सुनवाई नहीं की गई। वहीं पुलिस आरोपियों का साथ देने में लग गई। पत्नी से 2019 से 2021 तक करीब 20 लाख रुपए लिए। कुछ रुपए लौटाए हैं। अब पत्नी उच्च अधिकारियों के चक्कर लगा चुकी है। लेकिन आरोपियों को अरेस्ट नहीं किया। उल्टा पत्नी को हनी ट्रैप में फंसाया। इसमें पूर्व एसएचओ सुरेंद्र मलिक भी शामिल है।


