सहकारिता कर्मचारी नियमों का उल्लंघन कर दो जगहों पर दे रहा अपनी सेवाएं
नियम विरूद्ध कार्य को लेकर प्रबंधक ने थमाया नोटिस
अनूपपुर। जहां लोग एक नौकरी को तरसते है, लेकिन जिले में एक एैसा भी शख्स है, जो एक साथ दो जगहों पर अपनी सेवाएं दे रहा है, ये नटवरलाल और कोई नही सहकारिता विभाग का कर्मचारी कनिष्ठ विक्रेता है। इसके लिए उसने अपने विभाग को भी धोखे में रखा है। जब उसका भांडा फूटा तो उसे कारण बताओं नोटिस जारी किया गया, लेकिन उसने इसे भी अनदेखा करते हुए दूसरे कार्य में अपनी पूरी सेवाएं देते हुए अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अव्हेलना किया जा रहा है। मामला आदिम जाति सेवाकारी समिति जैतहरी अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान मनौरा के कनिष्ठ विक्रेता का है।
यह है मामला
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जैतहरी अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान मनौरा के कनिष्ठ विक्रेता जो कि संस्था का कर्मचारी होने के साथ ही उपार्जन केन्द्र रूपेन्द्र वेयर हाउस छातापटपर में किसानो की धान खरीदी के लिए सहयोगी प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है। बावजूद इसके सहकारिता अधिनियम का खुला उल्लंघन करते हुए धान उपार्जन केन्द्र कृषि उपज मंडी समिति जैतहरी परिसर में प्राइवेट दुर्गा क्रमांक 2 स्व-सहायता समूह में अपनी सेवाएं 2 दिसम्बर से लगातार दिए हुए है। जिसको लेकर कई बार प्रशासक वा समिति प्रबंधक द्वारा कनिष्ठ विक्रेता को संस्था में अपने दायित्वों के निवर्हन वा कार्यो के संस्था बुलाया गया, लेकिन कनिष्ठ विक्रेता अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अव्हेलना करते हुए अपनी सेवाएं प्राइवेट महिला समूह में दिया जा रहा है।
सहकारिता अधिनियम का खुला उल्लंघन
मार्च 2021 में भर्ती हुए कनिष्ठ विक्रेता द्वारा सहकारिता अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन करते नजर आ रहे है। जहां संस्था द्वारा सौंपे गये दायित्वों को निर्वहन को छोडकर अपने परिवार के ही प्राइवेट महिला स्व-सहायता समूह में धान खरीदी में सहायोग दिया जा रहा है। कनिष्ठ विक्रेता को संस्था द्वारा दिए गये सभी कार्य अपूर्ण है। वहीं संस्था के विरूद्ध जाकर प्राईवेट महिला समूह में धान खरीदी का कार्य करने के कारण जहां संस्था का कार्य पूरी तरह से प्रभावित है, वहीं शासकीय उचित मूल्य की दुकान मनौरा में हितग्राहियों को समय पर राशन भी नही मिला पा रहा है।
धान खरीदी केन्द्र का सहयोगी प्रभारी
पूरे मामले की जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जैतहरी के प्रबंधक द्वारा रूपेन्द्र वेयर हाऊस छातापटपर को उपार्जन केन्द्र बनाया गया था, जिसके लिए प्रबंधक द्वारा वहां पर किसानो से धान खरीदी के लिए कनिष्ठ विक्रेता को धान खरीदी का सहयोगी प्रभारी नियुक्त किया गया था, लेकिन अपने उक्त आदेश के विरूद्ध जाकर सहकारिता नियमों का उल्लंघन के साथ उसे जारी किए गए निर्देशों के बावजूद उपार्जन केन्द्र रूपेन्द्र वेयर हाऊस छातापटपर में किसानो से धान खरीदी के लिए अब तक अपनी सेवाएं नही दी है। कनिष्ठ विक्रेता जहां छातापटपर में बनाये गये धान उपार्जन केन्द्र में सहयोगी प्रभारी नियुक्त है, लेकिन अपनी संस्था का कार्य छोडकर कृषि मंडी परिसर जैतहरी में महिला समूह द्वारा की जा रही धान खरीदी में अपना सहयोग दिया जा रहा हे, जहां निरीक्षण में पहुंचने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को भी धोखे में रखते हुए उन्हे महिला समूह द्वारा की जा रही है खरीदी केन्द्र की पूरी जानकारी से अवगत कराता है। जानकारी के अनुसार दुर्गा क्रमांक 2 स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष जो कि कनिष्ठ विक्रेता बड़ी माता जी है, इतना ही नही इनके परिवार के अन्य लोग इसमें सदस्य वा पदाधिकारी है।


