फैसला सुरक्षित रांची | झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को पारा शिक्षकों के लिए बनाई गई नई नियमावली में बदलाव को चुनौती देने वाली कृष्ण चंदर हलधर व अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव आैर जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा, कुमार पवन और शिवम उत्कर्ष सहाय ने अदालत को बताया कि जेएसएससी की ओर से सहायक आचार्य की नियुक्ति की जा रही है। सरकार ने सहायक आचार्य सेवा संवर्ग नियुक्ति एवं प्रोन्नति नियमावली 2022 में संशोधन करते हुए वर्ष 2024 में नई नियमावली बनाई है। जिसमें पारा शिक्षकों को क्वालिफाइंग मार्क्स लाने से भी छूट प्रदान की गई है, जबकि उनके लिए 50 प्रतिशत सीट पूर्व से आरक्षित हैं। ऐसा करने की वजह से अन्य अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। पूर्व की नियमावली में पारा शिक्षकों को भी 30 प्रतिशत क्वालिफाइंग मार्क्स लाने के बाद ही अन्य विषयों की उत्तरपुस्तिका जांच किए जाने का प्रावधान था।


