सांसद बोले- लाइट उत्पादन में अहम योगदान, लेकिन किसान वंचित:लोकसभा में मुद्दा उठाया, संसदीय क्षेत्र में खेती के लिए 8 घंटे बिजली देने की मांग की

बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने लोकसभा सदन के शून्यकाल में संसदीय क्षेत्र में कृषि व घरेलू बिजली की विकट समस्या का मुद्दा उठाया। साथ ही घरेलू कनेक्शन से वंचित घरों को शीघ्र लाइट कनेक्शन से जोड़ने की मांग उठाई। इस दौरान सांसद ने कहा- देश में सबसे ज्यादा सोलर, विंड और थर्मल प्लांट के माध्यम से बिजली का प्रोडक्शन बाड़मेर व जैसलमेर जिलों में होता है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि यहां पर दिया तले अंधेरा मुहावरे की कहावत चरितार्थ हो रही है। किसानों को कृषि का ही नहीं, घरेलू बिजली का बड़ा संकट है। स्थानीय लोगों को घरेलू और किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिजली नहीं मिल पा रही हैं। मात्र 2-3 घंटों के लिए बिजली मिलती है। और वो भी कम वोल्टेज की होती है। इससे बहुत समस्या होती हैं। लाइट में उतार-चढ़ाव से कृषि और घरेलू उपकरण जल जाते हैं। जिससे कंज्यूमर को आर्थिक नुकसान झेलने के साथ रबी सीजन की फसलें भी खराब हो रही हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार से किसानों को समय से बिजली आपूर्ति के लिए केन्द्र सरकार की योजना से निर्माणाधीन जीएसएस को जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने और खराब फीडरों को दुरुस्त करने की मांग की। साथ ही नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित करने की मांग की। इस दौरान वंचित घरेलू कनेक्शन के शीघ्र कनेक्शन के लिए बजट स्वीकृत करने की मांग उठाई। सांसद ने कहा- संसदीय क्षेत्र में देश में हो रहे बिजली उत्पादन में अहम योगदान है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि स्थानीय घरेलु और कृषि उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नसीब नहीं हो पाती हैं। किसानों को समय पर बिजली नहीं मिलने के कारण उनको रबी की बुवाई करने में देरी हो रही है। किसानों को पूर्ण बिजली नहीं मिलने के बजाए मात्र दो से तीन घंटे ही आपूर्ति की जाती है, जिसमें भी पर्याप्त वोल्टेज नहीं होने एवं ट्रिपिंग के कारण कृषि ट्यूबवेल के मोटर पंप सहित उपकरण जल जाते है। किसानों को 15-20 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं
सांसद ने कहा- रिपेयरिंग और सुचारू पुन: संचालन हेतु के किसान को 15 से 20 हजार रुपए खर्चा व्यय करना पड़ता है। पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण फसल खराबा होता है। जिससे उपज कम होने के कारण किसानो को फसल की लागत भी पुरी नहीं मिलने के कारण किसान कर्ज के बोझ में दबे तले जा रहे हैं। जिससे आत्म हत्या करने को भी मजबूर हो जाते है। बिजली विभाग और सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न हो रही है। किसानों को 8 घंटे लाइट सप्लाई की जाए
सांसद ने किसानों को पर्याप्त आठ घंटे बिजली की आपूर्ति करें और शिव उपखंड मुख्यालय 220 केवी जीएसएस सहित कई जीएसएस के निर्माण लंबित और अधूरे पड़े हैं उनको जल्द पूर्ण करवाने मांग रखी। लाइट सप्लाई के लिए लाइट तंत्र की फीडरों को दुरस्त कर उनकी संख्या बढ़ाई जाएं। नये जीएसएस का निर्माण कराएं एवं लंबित निर्माणाधीन कार्यों को जल्द पूर्ण कराएं और विशेष बजट आवंटित करके इस समस्या का स्थायी समाधान करें।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *