डोंगरगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। आरोपी पुष्पदीप भाटिया, मिहिर देवांगन, खेमेन्द्र साहू और योगेंद्र यादव अपने और दूसरों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को बेचते या किराए पर देते थे। इससे ठग आसानी से धोखाधड़ी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लेते थे। साइबर अपराध समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देश पर साइबर सेल और थाना डोंगरगढ़ की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। टीम ने चार संदिग्ध खातों की पहचान की, जिनसे ठगी की रकम ट्रांसफर की जा रही थी। हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन लेते थे आरोपी 19 मार्च की रात को पुलिस ने छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन लेते थे। इस तरह से वे ठगों की मदद करते थे, जिससे पुलिस असली अपराधियों तक न पहुंच सके। पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी को भी अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम किराए पर न दें। ऐसा करने वालों को भी अपराध का भागीदार माना जाएगा और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।


