साउथ अफ्रीका में रोजगार की तलाश में गए युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई। 6 महीने पहले ही वह वहां खान में मजदूरी करने गया था, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने से उसकी जान चली गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। परिजन अब शव को भारत लाने की प्रक्रिया को लेकर चिंतित हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। राजगढ़,अलवर के धमरेड़ गांव का रहने वाला गंगाराम योगी(37) पुत्र छोटेलाल 15 अगस्त 2025 को साउथ अफ्रिका के लुसाका में गया था। हालांकि, अभी तक परिवार की किसी ने सुध नहीं ली है। किशनगढ़ निवासी ठेकेदार ने कंपनी के खर्च पर भेजा था डीएनटी समाज के अलवर संयोजक पुखराज योगी ने बताया कि गंगाराम को अजमेर के किशनगढ़ का रहने वाला एक ठेकेदार कंपनी के खर्च पर लेकर गया था। वहां जाने के बाद गंगाराम हर महीने घर पर 30 से 35 हजार रुपए खर्च के लिए भेजता था। लेकिन दो-तीन महीने से उसने कोई पैसा भी भेजा। अचानक तबीयत बिगड़ी, 30 मिनट में मौत पुखराज योगी ने बताया कि बुधवार को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ी। जिसे अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों को पता चला है कि गंगाराम को अचानक हार्ट अटैक आया। उसमें उसकी जान चली गई। पहले उसकी कमर में दर्द हुआ। उसके बाद हार्ट अटैक आ गया। केवल 30 मिनट में ही उसकी मौत हो गई। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल इस घटना का पता चलने के बाद अलवर में पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। गंगाराम के दो बेटियां और एक बेटा है। सब स्कूल में पढ़ते हैं। गंगाराम के पिता का निधन हो चुका है और मां बुजुर्ग है। तीन भाई भी हैं जो खेती बाड़ी और मजदूरी का काम करते हैं। 10 दिन में शव आने की बात कही जा रही परिवार को किसी परिचित ने बताया कि शव आने में करीब 10 दिन लग सकते हैं। लेकिन परिवार को कुछ नहीं पता है कि कैसे आएगा। जिसके लिए उन्होंने सरकार को मैसेज भिजवाया है। अब तक उसके घर पर कोई नहीं पहुंचा है।


