साउथ कोरिया में 7 दिन का राष्ट्रीय शोक:राष्ट्रपति ने सभी एयरलाइन की जांच का आदेश दिया; हादसे में बचे 2 क्रू मेंबर्स सदमे में

साउथ कोरिया में प्लेन क्रैश हादसे के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति चोई सांग-मोक ने सोमवार को देश में 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने सभी एयरलाइन सिस्टम की जांच के आदेश दिया है। रविवार को बैंकॉक से आ रहा जेजू एयर का बोइंग 737-800 प्लेन मुआन एयरपोर्ट पर लैंड कर रहा था, लेकिन गियर में खराबी की वजह से इसके पहिए नहीं खुले। बेली लैंडिंग की कोशिश में प्लेन क्रैश कर गया जिसमें 179 लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक 169 लोगों की पहचान कन्फर्म हो चुकी है, बाकी बचे 10 लोगों की पहचान जानने के लिए DNA टेस्ट किया जाएगा। वहीं, हादसे में जिंदा बचे दोनों क्रू मेंबर का इलाज जारी है। होश में आने के बाद दोनों गहरे सदमें है। उन्हें हादसे को लेकर साफ तौर पर कुछ भी याद नहीं है। क्रू मेंबर को हादसे के बारे में साफ तौर पर कुछ याद नहीं
कोरियन टाइम्स के मुताबिक हादसे में बच गए दोनों क्रू मेंबर पैसेंजर्स की मदद के लिए प्लेन के पिछले हिस्से में तैनात थे। इनमें से एक 32 साल के ली सदमे में हैं। वे बार-बार पूछ रहे हैं कि उन्हें क्या हुआ है? और वह यहां क्यों हैं? डॉक्टर का कहना है कि ली के बाएं कंधे में फ्रैक्चर और सिर में चोटें आईं हैं, लेकिन उनका स्वास्थ्य स्थिर हैं। 25 साल की फ्लाइट अटेंडेंट क्वोन भी हादसे में बाल-बाल बच गईं। उनका भी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। क्वोन को भी हादसे के बारे में कुछ याद नहीं है। उन्होंने अपने सिर, टखने और पेट में तेज दर्द की बात कही है। डॉक्टर्स ने कहा कि क्वोन की चोटें गंभीर हैं लेकिन जान को कोई खतरा नहीं है। दो ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट डेटा और वॉयस रिकॉर्डर बरामद
एक्सपर्ट्स ने CCN को बताया कि विमान में टेकऑफ और लैंडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पहिए पूरी तरह से नहीं खुल पाए थे। हालांकि अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि इनके न खुलने की वजह क्या थी। वहीं ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने बताया कि हादसे वाली जगह से दो ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट डेटा और वॉयस रिकॉर्डर बरामद कर लिए गए हैं। हालांकि इन्हें काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है, जिस वजह से इसे राजधानी सियोल के एलनाइज सेंटर भेजा जाएगा। जरूरत पढ़ने पर इसे अमेरिका भी भेजा जा सकता है। पायलट के पास 6800 घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस मिनिस्ट्री ने बताया कि कंट्रोल टॉवर ने पायलट को पक्षी टकराने का अलर्ट भेजा गया था। जिसके बाद उन्हें रास्ता बदलने और उलटी दिशा में उतरने का निर्देश दिया था। पायलट ने पूरी तरह से निर्देशों को पालन किया। मंत्रालय के मुताबिक प्लेन के मेन पायलट 2019 से इस पद पर थे और उनके पास लगभग 6800 घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था। इस हादसे के चश्मदीदों ने भी इस बारे जानकारी शेयर की है। दक्षिण कोरिया की योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मैंने प्लेन को देखा तो मुझे लगा यह लैंड करने वाला है, लेकिन तभी एक चमकती हुई रोशनी नजर आई और फिर जोर से धमाका हुआ। हवा में धुंआ फैल गया और इसके बाद लगातार कई धमाकों के आवाज सुनाई दी। हादसे में मारे गए पैसेंजर्स के परिवार वालों ने भी मीडिया से बात की। एक पैसेंजर के पिता ने AP प्रेस को बताया कि हमने कभी सोचा था कि यह आखिरी बार होगा जब हम एक दूसरे को देखेंगे। वहीं हादसे में मारी गई पैसेंजर जीन मी-सूक की मां ने कहा कि वह लगभग घर आ चुकी थी, इसलिए उसे फोन करने की जरूरत महसूस नहीं हुई। ———————————— यह खबर भी पढ़ें… साउथ कोरिया में प्लेन क्रैश, 179 पैसेंजर्स की मौत:लैंडिंग के दौरान पहिए नहीं खुले, एयरपोर्ट बाउंड्री से टकराकर ब्लास्ट; पक्षी टकराने का अलर्ट मिला था ​​​​​​ साउथ कोरिया में मुआन एयरपोर्ट पर जेजू एयर का विमान क्रैश हो गया। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक विमान में 175 पैसेंजर और 6 क्रू मेंबर समेत 181 लोग थे। इस हादसे में 179 लोगों की मौत हो गई है। रेस्क्यू टीम ने 2 लोगों को जिंदा बचा लिया। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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