सादुलपुर के भाकरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन साध्वी गोसिका गिरी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस में लीन दिखाई दिए। कथा वाचिका साध्वी गोसिका गिरी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप अत्यंत मनमोहक और दिव्य था। उन्होंने शिव जी के श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन करने पहुंचने का प्रसंग सुनाया, जिसमें शिव जी भी उनकी लीलाओं में खो गए थे। साध्वी ने माता यशोदा द्वारा श्रीकृष्ण को दूध पिलाते समय उनके मुख में संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन होने की अद्भुत लीला का भी विस्तार से वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु आश्चर्यचकित रह गए। कथा के दौरान बाल गोपाल के अपने सखा-सहेलियों के साथ खेलने, माखन चुराकर खाने और पूतना वध जैसी लीलाओं का सजीव चित्रण किया गया। साध्वी ने जोर देकर कहा कि भगवान की ये बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, प्रेम और भक्ति का संदेश देती हैं। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।


