बालाघाट जिले के लालबर्रा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। लालबर्रा का सरस्वती मैदान भगवा रंग में रंगा नजर आया, जहां हजारों की संख्या में हिंदू समाज के लोग जुटे। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चार और मां भारती के पूजन के साथ हुई। सम्मेलन की मुख्य वक्ता प्रखर हिंदूवादी साध्वी सरस्वती ने अपने संबोधन में हिंदू एकता की जरूरत बताई। उन्होंने रामायण और महाभारत के प्रसंगों का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह भगवान राम और कृष्ण ने जातिगत भेदभाव मिटाकर सबको गले लगाया, वैसे ही आज समाज को जातियों से ऊपर उठकर संगठित होने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम सब पहले हिंदू और सनातनी हैं। लव जिहाद और आत्मरक्षा पर तीखे बोल साध्वी सरस्वती ने लव जिहाद जैसे मुद्दों पर बात करते हुए माता-पिता को सलाह दी कि वे अपनी बेटियों को घर के काम के साथ-साथ शस्त्र चलाना भी सिखाएं। उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता बेटी को महंगे मोबाइल और गहने दिला सकते हैं, तो उन्हें आत्मरक्षा के लिए एक हजार रुपए की तलवार भी दिलानी चाहिए, ताकि वह अपनी रक्षा खुद कर सके। सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सम्मेलन के दौरान पूरा वातावरण काफी जोशीला बना रहा।


