सामाजिक न्याय व दलितों के अधिकारों के लिए अंबेडकर ने अपना जीवन समर्पित किया: मंडावी

भास्कर न्यूज | संगम ग्राम पंचायत मरोड़ा में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। सरपंच गायत्री मंडावी ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा बाबासाहेब अंबेडकर जाति से दलित थे और उस समय की सामाजिक व्यवस्था के कारण उनका बचपन अनेक कठिनाइयों और भेदभाव से भरा रहा। पूर्व सरपंच लक्ष्मण मंडावी ने कहा डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक न्याय और दलितों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक बाधाओं का सामना किया, लेकिन उन्होंने शिक्षा प्राप्त की और उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने कई महत्वपूर्ण डिग्री हासिल कीं। उन्होंने मानव समाज के कल्याण के लिए आवाज उठाई और उन्हें सामाजिक और राजनीतिक समानता दिलाने के लिए संघर्ष किया। जीत नाग ने कहा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने समाज में फैली छुआछूत, जातिवाद और असमानता के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कमजोर वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए कई आंदोलन चलाए और भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। उनका सपना था ऐसा भारत जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार मिले, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या वर्ग हो। कार्यक्रम में गजा मंडावी, दीपक वाल्दे, लक्ष्मण वाल्दे, सोहन वाल्दे, उमेश नाग, सुरेश नाग, देवेंद्र नाग, दीपक टेमरे, विष्णु नाग, भगत सिंह टेमरे, दीपक वडे, राजू आंचला, देवेंद्र टेमू, संजीत अमड़े, नर्मदा वाल्दे, अलिता नाग, उर्मिला टेमरे, मनीषा नाग, अजीता वाल्दे, ऊषा नाग, जमुना रामटेके, सुनीता नाग, सुलोचना वाल्दे आदि उपस्थित थे।

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