सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में करीब 7 साल से बुजुर्ग परिवार मुआवजा पाने दर-दर भटक रहा है। तहसीलदार, SDM से लेकर कलेक्टर तक से परिवार गुहार लगा चुका है। लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। अब बुजुर्ग चिलचिलाती धूप में लकवाग्रस्त पत्नी और पोते को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। दरअसल, मामला 2018 का है। ग्राम संडा निवासी शौकी लाल सिदार की 18 डिसमिल जमीन PWD विभाग ने सड़क चौड़ीकरण के लिए ली थी। सड़क बना दी गई, लेकिन मुआवजा अब तक नहीं मिला। कहा- मर जाऊंगा लेकिन अब नहीं उठुंगा परिवार मुआवजा पाने 2018 से प्रयासरत है। बुजुर्ग ने अब मजबूर होकर कहा- मर जाऊंगा लेकिन अब नहीं उठुंगा। साथ में गांधी जी की तस्वीर और भगवत गीता रखकर कलेक्टर दफ्तर आने वाली सड़क पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। पत्नी और पोते के साथ अनशन पर बैठे बुजुर्ग शौकी लाल सिदार ने रोते हुए कहा कि उनकी उम्र 75 साल है। पत्नी की उम्र 65 साल है। पत्नी को घर में छोड़ नहीं सकता क्योंकि हमारा कोई नहीं है। पोता है जो अभी छोटा है। इसलिए दोनों आकार बैठे हैं। कलेक्टर को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने अनशन पर बैठे बुजुर्ग दंपती से मुलाकात की। उन्हें एक सप्ताह का आश्वासन दिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।


