सारागांव देवरी–बाराद्वार–जेठा–सक्ती के बीच 22.2 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण पूरा हो गया है। दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त, रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा ने पिछले दो दिनों में इस नई रेल लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान सारागांव देवरी स्टेशन के पास ओएमएस कोच से हाई-स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया गया। आयुक्त रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा ने 5 और 6 मार्च को रेल लाइन का विस्तृत निरीक्षण किया। 5 मार्च को निरीक्षण की शुरुआत सारागांव देवरी स्टेशन से हुई। यहां उन्होंने स्टेशन के केबिन, पैनल रूम और यार्ड का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों से तकनीकी जानकारी ली। मोटर ट्रॉली से रेल लाइन का निरीक्षण इसके बाद आयुक्त ने अपनी टीम के साथ सारागांव देवरी–बाराद्वार–जेठा–सक्ती के बीच नई चौथी लाइन का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इंटरलॉकिंग सिस्टम, प्वाइंट और क्रॉसिंग, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) व्यवस्था, पुल-पुलिया, समपार फाटक और सिग्नलिंग उपकरणों सहित सुरक्षा और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की गई। बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल खंड में तेजी से काम बिलासपुर मंडल में नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण, तृतीय और चतुर्थ रेल लाइन परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल खंड के बीच करीब 206 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। अंतिम स्वीकृति के बाद दौड़ेंगी ट्रेनें आयुक्त रेलवे सेफ्टी से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इस नई चौथी रेल लाइन पर यात्री और मालगाड़ियों का संचालन शुरू किया जाएगा। रेल प्रशासन का दावा है कि चौथी लाइन शुरू होने से इस महत्वपूर्ण रेल खंड की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। यात्री और माल परिवहन अधिक सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा।


