आठ दिन पहले सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल हुए गोविंद साल के अंतिम दिन चार लोगों को नया जीवन दे गए। मंगलवार को परिजनों की अनुमति से गोविंद का हार्ट, दो किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट किए गए। एसएमएस में मंगलवार देर रात तक हार्ट ट्रांसप्लांट प्रक्रिया चलती रही, वहीं लिवर को जोधपुर एम्स भेजा गया। दोनों किडनी एसएमएस में ही जरूरतमंदों को लगाई गईं। दोनों किडनी का जहां सफल ट्रांसप्लांट रहा, वहीं हार्ट और लिवर की सफलता गुरुवार तक तय हो सकेगी। मामले के अनुसार सीकर के पास नीमकाथाना निवासी गोविंद कुमार वाल्मीकि (29) पुत्र पप्पू राम का 24 दिसंबर को एक्सीडेंट हो गया। अगले दिन 25 दिसंबर को उसे एसएमएस हॉस्पिटल लाया गया। यहां बचाने की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन 29 दिसंबर की रात ब्रेनडेड हो गया। उसके बाद परिजनों को समझाइश कर आर्गन डोनेशन के लिए तैयार किया गया। न्यूरो सर्जरी के सीनियर प्रो. डॉ. मनीष अग्रवाल ने बताया कि परिजनों की सहमति के बाद युवक के सभी आर्गन से संबंधी रिसीवर कॉल की गई। सोमवर देर रात तक हार्ट और किडनी के रिसीवर एसएमएस में ही और लिवर का जोधपुर मिला। उसके बाद आर्गन निकालने का प्रोसेस शुरू किया गया। लिवर को जोधपुर भेजा गया और एम्स में ट्रांसप्लांट प्रक्रिया शुरू की गई। गोविंद के इस अंगदान से 4 लोगों को नया जीवन मिलेगा। गोविंद के दो बच्चे, पत्नी समेत पूरा परिवार है। 24 दिसंबर को हादसे में घायल हो गए थे 29 वर्षीय गोविंद ये टीम जुटी ट्रांसप्लांट में एसएमएस में हार्ट ट्रांसप्लांट डॉ. अनिल शर्मा के नेतृत्व में किया गया। वहीं दोनों किडनी का ट्रांसप्लांट सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में डॉ. धनंजय अग्रवाल, डॉ. विनय मल्होत्रा, डॉ. शिवम प्रियदर्शी की टीम ने किया।


