भास्कर न्यूज | रामगढ़ फोर लेन नेशनल हाइवे 33 पर पटेल चौक से लेकर मांडू तक करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर 16 अवैध कट बना दिए गए हैं। जिससे लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। इन्हीं कट की वजह से कई दुर्घटनाएं भी हुई। लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, मौत भी हुई है। स्थानीय लोगों ने आवागमन में सुविधा के लिए सड़क के डिवाइडर काट दिए हैं, जिसके कारण हाइवे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक क्रॉसिंग आम हो गई है। इन अवैध कटों से दोपहिया वाहन ही नहीं बल्कि चारपहिया वाहन भी बेरोकटोक गुजर रहे हैं। कई स्थानों पर वाहन चालक गलत दिशा में भी ड्राइविंग करते हैं, जो हाइवे सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है। विशेषकर मुर्रामकलां क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर है। यहां दोनों ओर गांव बसे होने के कारण लोग रोजाना सड़क पार करते हैं। जिस स्थान पर अवैध कट बनाया गया है, वहां रांची की ओर से आने वाले वाहनों के लिए ढलान है, जिससे तेज गति में चल रहे भारी वाहन अचानक सामने आने वालों को संभाल नहीं पाते। इससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पोचरा के पास लोगों ने लंबा चक्कर काटने से बचने के लिए डिवाइडर तोड़कर रास्ता बना लिया है। पहले ग्रामीणों को एक किलोमीटर से अधिक घूमकर जाना पड़ता था। अब सीधा कट बनने से जोखिम और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को जानकारी दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। रात के समय और भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। लोगों ने कटों को ठीक करने की मांग की है। ^अवैध कट को बंद करने की कार्रवाई लगातार की जाती है। लेकिन पुनः डिवाइडर काट देते हैं। सभी कटों को फिर से बंद किया जाएगा और डिवाइडर तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -एकता कुमारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई पिछले साल हादसे में 180 लोगों की हुई थी मौत पिछले साल 2025 में जनवरी से लेकर दिसंबर तक सड़क दुर्घटना में 180 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें 133 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 22 लोग मामूली रूप से घायल हुए। लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अवैध रूप से बनाए गए कट को तत्काल बंद करना जरूरी है।


