सिंगरौली में एक साल में 6944 डॉग बाइट:रेबीज का खतरा बढ़ा, पशुपालन मंत्री चिंतित; डॉग शेल्टर का काम अटका

सिंगरौली जिले में जानवरों के काटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में लगभग 8 हजार लोगों को जानवरों ने काटा है। इनमें से 6944 मामले कुत्तों के काटने के हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2684 लोगों को जिला चिकित्सालय में रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पड़े। डॉग बाइट के बढ़ते मामलों पर मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री लखन पटेल ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। नगर निगम इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहा है। प्रतिदिन 8 से 10 डॉग बाइट के मरीज पहुंच रहे जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पुष्पराज सिंह ने बताया है कि सिंगरौली जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 8 से 10 डॉग बाइट के मरीज आ रहे हैं। सभी जरूरतमंद मरीजों को रेबीज का इंजेक्शन दिया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि डॉग बाइट की घटनाओं को नियंत्रित करने और भविष्य में प्रभावी नियंत्रण के लिए डॉग शेल्टर होम का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन और सरकार द्वारा इन बढ़ते मामलों पर त्वरित और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि आम जनता को इस खतरे से राहत मिल सके। नगर निगम जल्द काम शुरू करेगा नगर निगम कमिश्नर सविता प्रधान ने बताया कि शहर में डॉग शेल्टर होम के निर्माण के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि, कुछ तकनीकी कारणों से अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम जल्द ही आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर काम शुरू करेगा, जिससे आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके।

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