सिंगरौली के बंधा कोल ब्लॉक में प्रस्तावित कोयला परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने शनिवार को कलेक्टर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मांग रखी कि जब तक उन्हें भूमि और मकानों का पूरा मुआवजा नहीं मिलता, तब तक क्षेत्र में पेड़-पौधों की कटाई रोकी जाए। विस्थापितों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग तेंदुहा गांव के सरपंच छोटेलाल मरावी और विस्थापित नेता बृजेश तिवारी के नेतृत्व में कई ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। सरपंच मरावी ने कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना मुआवजा दिए जंगलों की कटाई और जमीन पर दखल ग्रामीणों के साथ अन्याय है। उन्होंने विस्थापितों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की। प्रशासन के अनुसार, बंधा कोल ब्लॉक से पांच गांव-बंधा, तेंदुहा, पिडरवाह, देवरी और पचोर प्रभावित हैं। परियोजना का कुल रकबा लगभग एक हजार हेक्टेयर है, जिसमें सैकड़ों परिवारों की कृषि भूमि और वन क्षेत्र शामिल है।
कलेक्टर ने कार्रवाई का दिया आश्वासन कलेक्टर गौरव बैनल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि फिलहाल किसी के घर नहीं तोड़े जा रहे हैं और राजस्व क्षेत्र में कोयला खनन भी शुरू नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि वन क्षेत्र में कटाई की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों की सभी मांगों की जांच कर नियमानुसार समाधान किया जाएगा। मुलाकात के बाद विस्थापितों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर जल्द ठोस निर्णय लेगा।


