झारखंड में दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड स्थित बहुप्रतीक्षित मसलिया-रानीश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। परियोजना के माध्यम से मसलिया प्रखंड के तकरीबन पूरे भूभाग में सिंचाई की सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी। इस प्रक्रिया में भूमिगत पाइपलाइन द्वारा सिंचाई की सुविधा किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस मेगा लिफ्ट परियोजना का 10 नवंबर, 2022 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिलान्यास किया था। करीब 1300 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तैयार होने पर 276 गांवों के किसानों को पानी मिलेगा। भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से 5,500 एकड़ भूमि की सिंचाई हो सकेगी। इस साल के अंत तक यह परियोजना पूरी होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत स्थानीय सिद्धेश्वरी नदी से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। मसलिया प्रखंड के लिए यह परियोजना वरदान साबित होगी। मसलिया-रानीश्वर मेगा लिफ्ट परियोजना के तहत मुरगुनी ग्राम के समीप नदी के दोनों तरफ बांध निर्मित कर जलमग्न क्षेत्र को कम रखते हुए एक बराज का निर्माण किया जाएगा। मोटर पंप से पानी लिफ्ट कर पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई क्षेत्र में चक्रवार सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी साल अधिक बारिश हुई और खेतों को पानी की जरूरत कम हो, तो पानी को डायवर्ट कर नजदीक के तालाबों को भरने का विकल्प भी रखा जाएगा, ताकि मवेशियों एवं अन्य कार्यों के लिए ग्रामीणों को तालाब के माध्यम से हमेशा पानी उपलब्ध हो सके। मसलिया में 60% कृषि भूमि टांड़ है। किसान जल्द से जल्द इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। आगे क्या… जामताड़ा के भी कई गांवों को मिलेगा पानी मसानजोर डेम में लिफ्ट एरिगेशन का फायदा आनेवाले दिनों में दुमका के साथ-साथ जामताड़ा जिले के फतेहपुर, नाला और कुंडहित को भी मिलेगा। परियोजना के पूरा होने पर हर वर्ष बंगाल जा रहे पानी को झारखंड के खेतों में सिंचाई के लिए रोका जाएगा। खासियत … डूब क्षेत्र नहीं होगा, किसी की जमीन भी नहीं जाएगी इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जो बराज बन रहा है, उसमें डूब क्षेत्र नहीं है। यानी यहां के किसी रैयत की जमीन नहीं ली जाएगी।


