बालाघाट में सिंधी समाज 45 वर्षों से होली पर कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। यह परंपरा समाज के बुजुर्गों की ओर से शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य समाज को एकजुट करना है। इस खेल में 11-11 खिलाड़ियों की टीमें भाग लेती हैं और ‘वन बाई वन’ का नियम लागू होता है। जो खिलाड़ी किसी को आउट करता है, उसे 10 रुपए का नकद इनाम दिया जाता है। पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष अमर मंगलानी ने बताया कि पहले यह आयोजन रेत पर होता था। हालांकि, सामाजिक भवन बनने के बाद अब यह खेल मैट पर खेला जाता है। रंगोत्सव के दिन समाज के लोगों के व्यवसाय बंद रहते हैं, जिससे सभी पुरुष और बच्चे इस आयोजन में एकत्रित होते हैं। विजेता और उपविजेता टीमों को दी गई ट्रॉफी बुधवार देर रात तक सिंधु भवन में आयोजित इस कबड्डी खेल में समाज के युवाओं और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने भाग लिया। विजेता और उपविजेता टीमों को समाज की ओर से ट्रॉफी प्रदान की गई।
‘ना तुम जीते ना हम हारे’ के भावना से खेलते हैं होली सिंधी समाज के बुजुर्गों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा का निर्वहन आज भी उसी उत्साह के साथ किया जा रहा है। कबड्डी की दो टीमें बनाई गईं, जिन्होंने ‘ना तुम जीते ना हम हारे’ की भावना के साथ आपसी भाईचारे का परिचय देते हुए खेल का प्रदर्शन किया। खेल के बाद, लोगों ने होली और आयोजन पर ढोल की थाप पर नृत्य किया।


