भास्कर न्यूज| अमृतसर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर अफसरों के साथ मीटिंग की। निगम कमिश्नर ने बताया कि नवीनतम संस्करण के अंतर्गत देश के 4,589 शहर शामिल हैं। कमिश्नर ने स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बता दें कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में 10 लाख से अधिक आबादी शहरों की कैटागिरी में 44 शहरों में गुरुनगरी 30वें नंबर पर रहा था। जबकि 2023-24 में 34वें नंबर पर था। निगम कमिश्नर ने विशेष रूप से कचरे की सेग्रेगेशन, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, कचरे के वैज्ञानिक निपटान, कूड़े की बायोरेमेडिएशन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी गतिविधियों का प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) पर नियमित रूप से किया जाए क्योंकि अंतिम रैंकिंग से पूर्व एमआईएस आंकड़ों का नागरिक प्रतिक्रिया एवं तृतीय-पक्ष सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय, ग्राउंड स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन व कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिटीजन भागीदारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, पारंपरिक मीडिया एवं वार्ड स्तर के जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए बढ़ाने के निर्देश दिए। एमओएचयूए द्वारा राज्यों एवं शहरी स्थानीय निकायों के साथ वर्चुअल मीटिंग आयोजित की जाएंगी जिनमें सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली एवं अपेक्षाओं से अवगत कराया जाएगा। इस मौके पर ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. जय इंदर सिंह, एसई सिविल संदीप सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर विशाल वाधवान, भलिंदर सिंह मौजूद थे। बता दें कि 2024-25 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लुधियाना अमृतसर से 9 स्थान पीछे था, जबकि राज्य में 127 स्थान पीछे। अमृतसर 17वें तो लुधियाना 144वें नंबर पर था। स्वच्छता रैंकिंग में अमृतसर के लिए सबसे खास यह था कि 14 साल से हर बार ओडीएफ डबल प्लस की कैटेगरी मिलती रही। पहली बार वाटर प्लस क्वालीफाई किया था। 2019-20 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में अमृतसर की 39वीं रैंक थी। 2020-21 में 34वीं तो 2021-22 में 32वीं रैंक मिली थी।


