सिद्ध चक्र महामंडल विधान से ही आत्मकल्याण

सकल दिगंबर जैन समाज बारां की ओर से प्रशांतमति सभागार, जैन जोड़ला मंदिर में आयोजित श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के द्वितीय दिवस विविध धार्मिक अनुष्ठान अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक प्रभाव के साथ संपन्न हुए। जैन समाज के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत प्रातकाल जिनेंद्र भगवान के अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई। इसके बाद विधानाचार्य ब्रह्मचारी अंशुल भैया के सानिध्य एवं निर्देशन में सिद्ध चक्र महामंडल विधान विधिपूर्वक संपन्न कराया। उनकी मंगलमयी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में श्रद्धालुजनों ने पूर्ण भक्ति भाव से विधान में सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित किया। जैन समाज के मंत्री अनिल बड़जात्या ने कहा की सिद्ध चक्र विधान के द्वितीय दिवस पर और अधिक श्रद्धालुओं का जुड़ाव रहा। विधानाचार्य ब्रह्मचारी अंशुल भैया ने मंगल प्रवचनों में बताया कि सिद्ध चक्र महामंडल विधान आत्मा की शुद्धि, कर्मों की निर्जरा एवं आत्मकल्याण का महान माध्यम है। विधान के दौरान भक्तिमय संगीत एवं मंगल ध्वनियों से संपूर्ण वातावरण धर्ममय बना रहा। श्रद्धालुजन भक्ति में लीन होकर विधान में सहभागी बने एवं विश्व शांति, सुख-समृद्धि तथा समस्त जीवों के कल्याण की मंगल कामना की। मंगलवार को महाआरती के पुण्यार्जक परिवार अनीता पाटनी, अंकित, पीयूष पाटनी परिवार रहे। शांतिधारा के पुण्यार्जक परिवार घीसालाल पंकज टोंग्या परिवार रहे। इस दौरान संजय गोधा, शशिकांत, रिंकू, कमलेश, अनिल जैन, मनीष गोधा, वीरेंद्र कासलीवाल, घीसालाल, विकास सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु जन उपस्थित रहे। सभी ने विधान में सहभागिता की। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि यह विधान प्रतिदिन विधिपूर्वक संपन्न किया जा रहा है। आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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