शहर जिला भाजपा नेताओं सहित कुछ अन्य प्रदेश स्तरीय नेताओं से जुड़े कथित वीडियो कांड का सियासी मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में भाजपा को घेरने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बाद अब आरएलपी सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की भी एंट्री हो गई है। सांसद बेनीवाल ने भाजपा पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि उदयपुर फाइल्स वाकई एपस्टीन फाइल्स से बड़ी है। उदयपुर फाइल्स में उदयपुर जिला से लेकर जयपुर तक के प्रदेश भाजपा से जुड़े कई बड़े पदाधिकारी शामिल हैं। ये फाइल्स जब बाहर आएंगी तो पूरी भाजपा बेनकाब हो जाएगी। बेनीवाल ने दावा किया कि इस कांड के वीडियो आते ही भाजपा को बेनकाब कर दूंगा। विधानसभा में 3 बार गूंजा मामला, सरकार पर दबाव इधर, इस वीडियो कांड से जुड़े नेता जो इस मामले को गत 11 से 22 फरवरी तक हल्के में ले रहे थे अब वे सकते में हैं। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के पिछले 6 दिन में 3 बार इस मुद्दों को उठाने के बाद भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर राष्ट्रीय पदाधिकारी हरकत में आ गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी इस मामले में सख्त बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सीएम शर्मा ने पार्टी की प्रतिष्ठा को खराब करने वाले इस तथाकथित वीडियो कांड से नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय ने भी प्रदेश कार्यालय को कार्रवाई के लिए कहा है। कांड से जुड़े नेताओं पर लटकी तलवार
भाजपा के राष्ट्रीय-प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी ऐसा सियासी रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं कि वीडियो कांड से जुड़े नेताओं को पदों से हटाया जाए तो भाजपा किसी भी तरह से घिरे नहीं। निर्णय देर से लेने में परेशानी यह है कि अगर वीडियो वायरल हो गए तो दिल्ली के पदाधिकारी जवाब नहीं दे पाएंगे। इसी बीच कांड से जुड़े नेताओं ने दिल्ली-जयपुर की दौड़ शुरू कर दी है, ताकि उन्हें पद से नहीं हटाया जाए। जबकि, विरोधी गुट के नेता भी दिल्ली-जयपुर जाकर बड़े पदाधिकारियों को बता रहे हैं कि वीडियो कांड से जुड़े नेताओं ने पार्टी की प्रतिष्ठा खराब की है। उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस की मौजूदगी में आरोपी अधिवक्ता विशाल गुर्जर के घर तोड़फोड़ करने वाले नेता भी पदाधिकारियों के रडार पर हैं।


