शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदाकर्मियों को इस बार के बजट में नियमितीकरण को लेकर कोई राहत नहीं मिली है। 16 वर्षों से स्थायीकरण की मांग कर रहे संविदाकर्मी अब आंदोलन पर उतर आए हैं। उन्होंने जिला परिषद के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इस धरने में राजस्थान पंचायत शिक्षक-विद्यालय सहायक संघ के बैनर तले सहायक शिक्षक, शिक्षा सहायक, विद्यालय कनिष्ठ शिक्षक, पंचायत शिक्षक और विद्यालय सहायक शामिल हुए। संगठन का आरोप है कि स्थायी सेवा नियमों से संबंधित फाइल पिछले दो वर्षों से वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा विभाग के बीच आपत्तियों के कारण अटकी हुई है।
संविदाकर्मियों का कहना है कि वे वर्ष 2007-08 से नियमितीकरण की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संविदाकर्मियों के अनुसार, वे 30-35 वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जबकि उनका कार्य निष्पादन तृतीय श्रेणी शिक्षक के समकक्ष है। संगठन ने मांग की है कि चारों विभागों के सचिव स्तर पर एक संयुक्त बैठक आयोजित कर फाइल का शीघ्र अनुमोदन किया जाए और उसे कैबिनेट में भेजा जाए, ताकि नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। धरने को जिला संयोजक चुनाराम परिहार, जिलाध्यक्ष शंकरलाल और जिला उपाध्यक्ष इंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इस दौरान सिरोही शिवगंज के शिक्षाकर्मी मानाराम, ब्लॉक अध्यक्ष सुरजीत सिंह, कन्हैयालाल, लीलाराम मेघवाल, दुरेंद्र सिंह, विक्रम रामावत, सुरेश प्रजापत, विजू कुमारी, कुसुम, सोनू मिस्त्री, देवेंद्र सिंह, भारत, ईश्वर, शांतिलाल, रिकबजी, गणेश, जितेंद्र भांड और हरिराम सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे।


