राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के तहत रविवार को सिरोही जिले में 23 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, हिंदुत्व पर चर्चा और सहभोज का आयोजन होगा। प्रत्येक आयोजन में 1500 से 5000 तक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। विभिन्न समाज इन आयोजनों में पूर्ण सहभागिता कर रहे हैं। संघ के जिला प्रचार प्रमुख लोकेश कुमार ने बताया कि हिंदुत्व के गौरवशाली इतिहास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ये सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सभी समाजों के हजारों लोग और क्षेत्रीय निवासी इन सम्मेलनों में भाग लेंगे। आयोजनों की तैयारियां शनिवार देर रात तक चलती रहीं। प्रत्येक सम्मेलन लगभग तीन घंटे का होगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन और बौद्धिक सत्र शामिल होंगे। अंत में समरसता भोज का आयोजन किया जाएगा। लोकेश कुमार के अनुसार ये हिंदू सम्मेलन अलग-अलग बस्तियों में सुबह 11 बजे से शुरू होकर देर शाम तक चलेंगे। इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज में पंच परिवर्तन, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य और ‘स्व’ के बोध का संदेश दिया जाएगा। प्रत्येक बस्ती में सकल हिंदू समाज द्वारा गठित हिंदू सम्मेलन आयोजन समितियों ने कार्यक्रम से पहले बैठकें कर समाज के लोगों को आयोजन के विषय में जानकारी दी। समितियों ने घर-घर जाकर पीले चावल और पत्रक देकर प्रत्येक हिंदू परिवार को सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया। विभिन्न मंडलों और बस्तियों में मातृ शक्तियों द्वारा कलश यात्राएं आयोजित की गईं, जबकि प्रभात फेरी, भजन संकीर्तन और बाइक रैलियों के माध्यम से प्रत्येक हिंदू तक सम्मेलन का वातावरण बनाने का कार्य किया गया। ये हिंदू सम्मेलन सिरोही नगर की नागेश्वर और बैघनाथ बस्ती, पिण्डवाड़ा की केशव और बजरंग बस्ती, जावाल, कालंद्री, रामपुरा, रेवदर, सनवाड़ा के उड़वारिया, गुलाबगंज, पंचदेवल, गिरवर, आदर्श, वासा, मांडवाड़ा देव, सरूपगंज, आबूरोड, तथा शिवगंज की सारणेश्वर, बड़गांव, नांदिया, मडिया, डोडुआ एवं मूंगथला बस्तियों में आयोजित होंगे।


