सिवनी जिले के बनाथर गांव में चंदा न देने पर सात गरीब परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए चंदा मांगा गया था। मजदूरी और खेती-किसानी करने वाले ये परिवार आर्थिक तंगी की वजह से 700-800 मांगे गए पैसे नहीं दे सके। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के कुछ रसूखदारों ने उनका बहिष्कार कर दिया। दुकानों से सामान और पानी पर रोक बहिष्कार के कारण इन परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के अन्य लोगों को इनसे बात न करने के निर्देश दिए गए हैं। गांव की दुकानों से इन्हें रोजमर्रा का सामान देने से मना कर दिया गया है। सार्वजनिक जलस्रोतों से पानी भरने में भी रुकावट डाली जा रही है। इन पर लगा बहिष्कार का आरोप पीड़ितों ने चंद्रशेखर ठाकरे, राकेश पंचेश्वर, नंदकिशोर नागेश्वर सहित करीब 14 लोगों पर बहिष्कार करने का आरोप लगाया है। बहिष्कार झेल रहे ग्रामीणों में सुखराम ऊईके, बैजन्ती मर्सकोले, किशोर पंचेश्वर, वासुका ठाकरे, निर्मला एरके, लेखा नागवंशी और वलीराम ठाकरे के परिवार शामिल हैं। एसपी ने दिए जांच के आदेश पीड़ितों का कहना है कि पहले उगली थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वे बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारियों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी केवलारी को तुरंत जांच के निर्देश दिए गए हैं।


