शहर में यूपी–बिहार के लिए अवैध रूप से संचालित हो रही निजी बसों का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। ये बसें शहर के अंदरूनी इलाकों से ओवरलोड सवारियां भरकर रवाना होती हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि शहर में दुर्घटनाओं को न्यौता देते हुए चल रहीं इन बसों पर न तो परिवहन विभाग व न ही ट्रैफिक पुलिस और न ही संबंधित थानों के अधिकारियों की नजर इन पर पड़ती है। जबकि शहर के कई एक्टिविस्ट ने ऐसी बसों के संचालन पर रोक लगाने के लिए सीएम व अन्य अधिकारियों से मांग की है। दैनिक भास्कर टीम ने ग्राउंड लेवल पर जांच की तो सामने आया कि उक्त बसें जिस प्रकार शहर के बीचों- बीच से होकर गुजरती हैं और आरटीओ दफ्तर से लेकर चौक पर खड़े ट्रैफिक कर्मियों तक को सब व्यवस्था दुरुस्त दिखाई दे रही है। एसबीएस नगर में बसों की छतों पर बांधा जा रहा था सामान भास्कर टीम को सूचना मिली कि शहीद भगत सिंह नगर रेलवे लाइन के पास से एक प्राइवेट बस रोजाना शाम 5:30 बजे लखनऊ के लिए रवाना होती है। जब भास्कर टीम ने आरटीओ कार्यालय में इस बस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, तो कार्रवाई से पहले ही बस मालिक तक यह सूचना पहुंच गई कि मीडिया टीम मौके पर पहुंचने वाली है। इतना ही नहीं, जब टीम विकास नगर चौक पर तैनात ट्रैफिक कर्मी से बस के समय और संख्या के बारे में पूछताछ कर रही थी, उसी दौरान कथित रूप से बस संचालकों को पत्रकारों के पहुंचने की जानकारी भेज दी गई। जब टीम शहीद भगत सिंह नगर पहुंची, तो वहां तीन बसों में सवारियां भरी जा रही थीं और यात्रियों का सामान बसों की छत पर बांधा जा रहा था। यह बसें शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिजली की तारों के करीब से गुजरती हैं। मुख्यमंत्री मान को भी भेजी गई शिकायत मुख्यमंत्री भगवंत मान, डिप्टी कमिश्नर और मानवाधिकार आयोग को लिखित शिकायत भेजकर यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं ‘करप्शन अगेंस्ट पंजाब’ के प्रधान बलबीर अग्रवाल ने भी अवैध व मॉडिफाइड बसों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। -अरविंद शर्मा, शिकायतकर्ता अभी मेरा लॉगिन सक्रिय नहीं: आरटीओ शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बिजली की तारों के करीब से गुजरती हैं बसें लुधियाना से चली अवैध ओवरलोड बस के हादसे में 5 मौतों के बाद भी लगातार 3 दिन से तोड़े जा रहे नियम, अफसर कर रहे कार्रवाई का दावा प्राइवेट बस पर लोड होता सामान शहीद भगत सिंह नगर {एटीओ दीपक ठाकुर ने स्टाफ और सरकारी वाहन की कमी का हवाला देते हुए कार्रवाई में असमर्थता जताई। {डीसी हिमांशु जैन बोले-आरटीओ की ड्यूटी लगाई है। सख्त एक्शन लिया जाएगा। मौके पर मौजूद बस ऑपरेटरों के कारिंदों ने भास्कर टीम को घेर लिया और धमकी भरे लहजे में कहा, “अगर हिम्मत है तो बस बंद करवा कर दिखाओ।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि टीम आरटीओ कार्यालय में शिकायत कर चुकी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ये बसें दुगरी थाने के अंतर्गत भगत सिंह नगर चौकी के सामने से रोजाना ओवरलोड होकर गुजरती हैं, लेकिन पुलिस तमाम जानकारी होने के बावजूद जनता की जान को जोखिम में डालने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। जबकि दूसरी ओर पक्खोवाल रोड पर ट्रैफिक पुलिस आम जनता के चालान काटती अक्सर नजर आती है, मगर इन बसों पर कोई सख्ती नहीं दिखाई जाती।


