भास्कर न्यूज | केरता सूरजपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए चल रहा तीन दिवसीय राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण मूल्यांकन संपन्न हुआ। केंद्रीय टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, बुनियादी ढांचे और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। भारत सरकार द्वारा नियुक्त केंद्रीय मूल्यांकनकर्ता मनीष कुमार व पंकज कुमार त्रिपाठी ने 12 से 14 फरवरी तक अस्पताल के विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस दौरान निर्धारित 10 मानकों के आधार पर चेकलिस्ट के अनुसार मूल्यांकन किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से सामान्य प्रशासन, आईपीडी, ओपीडी, आपातकालीन सेवाएं, प्रसव कक्ष, एनबीएसयू, प्रयोगशाला (लैब), रेडियोलॉजी (एक्स-रे), संक्रमण नियंत्रण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का क्रियान्वयन और ऑक्जिलरी सेवाएं शामिल थे। सीएमएचओ डॉ. केडी पैंकरा के मार्गदर्शन में अस्पताल ने जिला और राज्य स्तर की कठिन परीक्षाओं को पहले ही पार कर लिया था। केंद्रीय टीम के मूल्यांकन के दौरान स्टाफ की कार्यकुशलता, उपचार की गुणवत्ता और मरीजों के साथ उनके व्यवहार को विशेष रूप से सराहा गया। समापन अवसर पर दोनों मूल्यांकनकर्ताओं ने अस्पताल स्टाफ को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता कोई मंजिल नहीं बल्कि एक सतत प्रक्रिया है, जिसे लगातार बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने भविष्य में सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। बीएमओ प्रतापपुर डॉ. अजीत दीवान ने टीम के प्रति आभार व्यक्त किया और अस्पताल परिवार की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर डीपीएम संदीप नामदेव, शुभम श्रीवास्तव, रुद्रप्पा अंगाड़ी, सतीश श्रीवास्तव, राजेश वर्मा, डॉ. ललित सिंह, डॉ. विकास गुप्ता, डॉ. कृति रंजन गुप्ता, डॉ. प्रज्ज्वल सिंह, डॉ. शिव संतोष उपस्थित रहे।


