वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपए के बजट में विभागों के बीच संसाधनों का बड़ा बंटवारा सामने आया है। कुल 1 लाख 891 करोड़ रुपए के योजना बजट में सबसे अधिक हिस्सेदारी मुख्यमंत्री के अधीन विभागों को मिली है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार की प्राथमिकताओं का केंद्र प्रशासन, शिक्षा, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण है। राजनीतिक दलों के आधार पर देखें तो सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के मंत्रियों के जिम्मे कुल 46,201 करोड़ रुपए का बजट है। कांग्रेस को 41,467 करोड़ और राजद को 1,550 करोड़ रुपए की जिम्मेदारी मिली है। यह वितरण गठबंधन सरकार के भीतर विभागीय संतुलन और प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। राजद: उद्योग और कौशल विकास पर 1,550 करोड़ राजद के मंत्री संजय प्रसाद यादव के पास श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के साथ उद्योग विभाग की जिम्मेदारी है। उद्योग विभाग के लिए 1,550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। झामुमो: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास बजट का सबसे बड़ा हिस्सा 30,203 करोड़ रुपए सबसे बड़ी राशि मुख्यमंत्री के अधीन विभागों को मिली है। मुख्यमंत्री के पास कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा, गृह (कारा सहित), पथ निर्माण, भवन निर्माण, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता, समाज कल्याण एवं बाल विकास, वन-पर्यावरण और ऊर्जा विभाग हैं। इन सभी के लिए कुल 30,203 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।


