सीएम भजनलाल शर्मा के जन्मदिन और सरकार एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद बाड़मेर जिला हॉस्पिटल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान सरकार समर्थित विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी प्रोटोकॉल को लेकर नाराज हो गई। वहां पर बैठे सीएमएचओ, पीएमओ को खरी खोटी सुनाई। इसके बाद बीच प्रोग्राम छोड़कर रवाना हो गए। इस दौरान सीएमएचओ ने विधायक को हाथ छोडृकर मनाने की कोशिश की लेकिन विधायक वहां से रवाना हो गई। दरअसल, सीएम भजनलाल शर्मा के जन्मदिन और सरकार के एक साल पूरा होने पर अलग संगठनों की ओर से रक्तदान का शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बाड़मेर निर्दलीय विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी (सरकार समर्थित), भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप पालीवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं शिव प्रत्याशी स्वरूप सिंह राठौड़ सहित बीजेपी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत करने के दौरान सबसे पहले भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप पालीवाल फिर पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह राठौड़ को साफा पहना गया। इसके बाद विधायक गुस्सा हो गई। इसके बाद मंच संचालन कर रहे अबरार मोहम्म को रोकते हुए सीएम भजनलाल शर्मा को बधाई दी और वहां से रवाना हो गई। प्रोग्राम में पीएमओ बीएल मंसूरिया साफा लेकर खड़े रहे इस दौरान विधायक प्रियंका चौधरी ने पीएमओ को कहा कि आप इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकते हो। या तो मुझे बुलाते नहीं। अगर आप बुलाकर प्रोटॉकाल फॉलो नहीं करते है तो यह गलत है चाहे किसी के साथ हो। अगर कोई इश्यू है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। सीएम साहब का जन्मदिन है मन में भावना है। इन दिखावों से कुछ नहीं होता है। पीएमओ बोले किसी प्रकार को कोई दिमाग में नहीं था। विधायक ने कहा कि मुझे जनता ने विधायक बनाया है अगर आप नहीं मानते है तो आपकी इच्छा है। यह आपके निजी इश्यू है। मेरी प्रॉब्लम नहीं है। अगर आपको संगठन का प्रोटोकॉल फालों करना है तो वो कीजिए। लेकिन उपस्थित अतिथियों का फॉलो करना है वो करों। एमएलए तो जनता ने बना दिया है। यह मैसेज ठीक नहीं है। बीच एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत बोले इनकी गलती है प्रोटोकॉल में उनको सबसे पहले सम्मान होना चाहिए। इस दौरान सीएमएचओ सजीव मित्तल बोले माफी चाहेगे। सीएमएचओ ने रोकने के लिए जोड़े हाथ सीएमएचओ विधायक के आगे हाथ जोड़कर कहने लगा कि हमें पता नहीं था। विधायक ने कहा आपका इनटेंशन दिख रहा है। यह गलत बात है। मुख्यमंत्री जी के जन्मदिन और सरकार के एक साल का प्रोग्राम। हम सरकार के साथ मुख्यमंत्री का आशीर्वाद हमारे साथ है। इतनी बड़ी मिस्टेक। कोई इश्यू नहीं है। आपको लगता है कि नहीं आना चाहिए तो मुझे बुलाते ही नहीं। मुझे निमंत्रण मत दीजिए, आते है तो इतना ध्यान नहीं रखते है तो गलत है।


