संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की सीआईडी जांच होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद कार्मिक विभाग ने शुक्रवार को सीआईडी को जांच कराए जाने संबंधी आदेश की कॉपी सौंप दी। इसके साथ जेएसएससी द्वारा कराई गई जांच में मिले तथ्यों की भी जानकारी दी है। जेएसएससी ने इस परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों को 16 से 20 दिसंबर तक प्रमाण पत्रों की जांच कराने का समय दिया है। इस दौरान जो अभ्यर्थी सर्टिफिकेट जांच नहीं करा पाएंगे, उनके लिए 26 व 27 दिसंबर का समय तय किया गया है। कुल 2025 पदों के लिए 21-22 सितंबर को राज्य में 823 केंद्रों पर 3.04 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। अभ्यर्थियों ने पेपर लीक सहित कई गड़बड़ियों का आरोप लगाया था। लेकिन जेएसएससी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि परीक्षा केंद्रों पर पेपर की सील टूटी होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। रोल नंबर के सीरियल में भी कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। कॉपियों की जांच भी सीसीटीवी की निगरानी में हुई है। इस परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। हजारीबाग में हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के बाद यह मामला विधानसभा में भी उठा था। विपक्ष ने सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सीआईडी जांच का आदेश दिया है। सूत्रों का कहना है कि जांच का आदेश देकर मुख्यमंत्री ने छात्र संगठनों को शांत करने की कोशिश की है। रिजल्ट रद्द करने की मांग को लेकर 15 को रांची में जुटेंगे 5,000 अभ्यर्थी जेएसएससी कार्यालय के पास 20 तक निषेधाज्ञा इधर, विशेष शाखा का अलर्ट सीजीएल परीक्षा का रिजल्ट रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी रांची में 15 दिसंबर को धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में स्पेशल ब्रांच ने रांची, धनबाद और जमशेदपुर के एसएसपी व एसपी को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया है कि 15 दिसंबर को पांच हजार से ज्यादा अभ्यर्थी नामकुम स्थित जेएसएससी कार्यालय के पास जुटेंगे। इसके लिए वे 14 दिसंबर की शाम को ही रांची पहुंच जाएंगे। इस प्रदर्शन को देखते हुए सदर एसडीओ उत्कर्ष कुमार ने जेएसएससी कार्यालय के 500 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह निषेधाज्ञा 20 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी।


