सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश चारों ओर सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होने कहा कि आज हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा की स्थिति बदली हैं। देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई हैं। जनता में आंतरिक सुरक्षा को लेकर विश्वास पैदा हुआ हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है। चाहे वह गरीब कल्याण की योजना हो, चाहे विकास की योजना हो, चाहे आतंकवाद-नक्सलवाद के खात्मे की बात हो। हर क्षेत्र में देश विकास कर रहा हैं और इस विकास में हमारी राजभाषा हिंदी का भी बहुत बड़ा योगदान हैं। सीएम भजनलाल शर्मा आज जेईसीसी में आयोजित क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। हिंदी सहज और सरल भाषा
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि हिंदी सहज और सरल भाषा है। हिंदी विश्व में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी यूनेस्को की 10 अधिकृत भाषाओं में से एक है। हिंदी जिस तरह से बोली जाती है उसी तरह से लिखी जाती है। हिंदी भाषा में सभी भाषाओं को समाहित करने की विशेषता है। यह हमारी संस्कृति और सोच को सशक्त करती है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में हिंदी राजकाज की प्रमुख भाषा है और हमारे यहां हिंदी के विकास पर लगातार काम हो रहा है। राजस्थान में हिंदी के प्रयोग की स्थिति अत्यंत उत्कृष्ट है, हमारे यहां हिंदी का व्यापक प्रयोग हो रहा है। केन्द्र ने स्थानीय भाषाओं पर बहुत काम किया
सम्मेलन में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं तभी सार्थक होगी। जब सरकार और जनता के बीच संवाद हो और वह संवाद तभी संभव है जब जनता तक उन्हीं की भाषा में उनके हित की बात को पहुंचाया जाए और देश में राजभाषा के रूप में हिंदी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में स्थानीय भाषाओं को लेकर केंद्र सरकार ने बहुत काम किया है। जिसमें मातृ भाषाओं में प्राथमिक शिक्षा देने की बात हो या जम्मू कश्मीर में हिंदी को राजभाषा के रूप में शामिल करना हो। हमने राजभाषा को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग सेक्टर में कई पुरस्कार भी शुरू किए हैं। सम्मेलन में 110 पुरस्कार दिए गए
हिंदी को राजभाषा के रूप में बढ़ावा देने के लिए सम्मेलन में हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। साथ ही नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकासों) को नराकास राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मेलन में अलग-अलग श्रेणियों में कुल 110 पुरस्कार दिए गए।


