मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं क्लास में 75% से ज्यादा अंक लाने वाले स्टूडेंट्स को जल्द ही लैपटॉप के लिए राशि मिलने वाली है। साथ ही वे स्टूडेंट्स जिन्होंने 12वीं में अपने सरकारी स्कूल में टॉप किया हैं, उन्हें भी सरकार स्कूटी देने जा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने जापान यात्रा से लौटने के बाद इस योजना को लेकर बनी असमंजस की स्थिति को साफ कर दिया है। सीएम ने कहा कि हम लगातार सभी वर्गों के लिए सभी योजनाओं पर काम कर रहे हैं। हमने हमारी सरकार की किसी योजना के मूल स्वरूप को न तो बदलने दिया है। न उस संबंध में कोई ढील दी है। इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम के इस बयान पर कहा कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए सरकार को तत्काल इनका वितरण कराना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा की सरकार को जगाने के लिए मैंने 2 स्कूटी दी हैं, बाकी विधायक भी सांकेतिक तौर पर ऐसा करेंगे। सीएम ने कहा कि विद्यार्थी वर्ग में हम बहुत जल्द लैपटॉप की राशि देने वाले हैं। साथ ही साथ स्कूल स्तर पर जो प्रावीण्य सूची में निकले हैं अपने हायर सेकेंडरी स्कूल से, ऐसे बच्चों को हम स्कूटी भी देने जा रहे हैं। हमारी जो योजना है उसके अनुसार हम बच्चों को सौगात देंगे। पहले कहा था- एक साल के लिए थी योजना
इससे पहले दैनिक भास्कर के साथ इंटरव्यू में सीएम ने लैपटॉप और स्कूटी के सवाल पर कहा था कि जो योजना एक साल के लिए थी वो तो एक साल के लिए ही रहेगी। पिछले हफ्ते भी एक यू-ट्यूब पॉड कास्ट में भी सीएम ने ऐसा ही जवाब दिया था। जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर था। दैनिक भास्कर के सवाल पर ये दिया था जवाब
सीएम के रूप में डॉ. मोहन यादव का एक साल पूरा होने पर दैनिक भास्कर ने उनका इंटरव्यू किया था। जिसमें सीएम ने ये कहा – सवाल- सरकार हमेशा कहती है बजट की कमी नहीं है लेकिन बच्चों को लैपटॉप, स्कूटी नहीं मिल पा रही है?
जवाब – दोनों बात में फर्क है। कुछ योजनाएं 1 साल के लिए थी, इसलिए उसे लगातार देते रहना यह थोड़ा ज्यादती हो जाएगी। कुछ योजना लगातार वाली थी, वो चल रही हैं। जो एक साल की योजना थी उसको हम हर साल कैसे करेंगे? हमने कहा कि सरकार की जो योजनाएं रेगुलर हैं, वह बंद नहीं होगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले- सरकार बच्चों को लैपटॉप स्कूटी तुरंत दे
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 3 फरवरी को मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि लैपटॉप स्कूटी योजना पहले से चल रही थी। इन्होंने चुनाव में भी वादा किया था। फिर सरकार स्कूटी लैपटॉप मेधावी छात्रों को क्यों नहीं देना चाह रही। उन्होंने कहा कि बच्चों का सत्र भी अब खत्म होने को आया है, अगर सरकार के पास पैसा है तो क्यों नहीं देना चाहती ? सरकार कुंभकर्ण की तरह सोती है, विपक्ष जब जगाता है, तब ही जागती है सरकार लोगों के पास जाने का सिर्फ दिखावा करती है नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा सत्र पर सवाल का जवाब देते हुए कहा कि विधानसभा एक ऐसा मंच है, जहां से आम जनता की आवाज सरकार तक पहुंचती है लेकिन अक्सर देखा जाता है कि विधानसभा में सरकार मुद्दों को सुनती तो है, लेकिन कार्यवाही कुछ नहीं करती। उन्होंने कहा कि हमने पिछले सत्र में जल जीवन मिशन को उठाया क्या सरकार को नहीं पता कि गर्मी आने वाली है और लोग पानी के लिए तरसेंगे। कई गांवों में योजनाएं बंद पड़ी हैं, ठेकेदार भाग गए हैं, लेकिन सरकार आम जनता की कहां सुनना चाहती है। सरकार लोगों के पास जाने का सिर्फ दिखावा करती है। उन्होंने कहा कि हमने खाद और किसानों के मुद्दों को उठाया लेकिन सरकार सिर्फ आंकड़े गिना देती है। मुख्यमंत्री और उनके मंत्री जनता के पास जाएंगे तो उन्हें असली समस्या पता चलेगी। स्टेट हैंगर पर हुआ सीएम डॉ. यादव का स्वागत
जापान की यात्रा से लौटने के बाद रविवार रात में भोपाल में स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत करने मंत्री गौतम टेटवाल, धर्मेन्द्र लोधी, विधायक भगवानदास सबनानी, भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र यति, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, मेयर मालती राय पहुंचे। सीएम के साथ दिल्ली से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी भोपाल पहुंचे। जापान हमारा बिछुड़ा हुआ भाई, अब वापस मिल रहा है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, मैं जापान की यात्रा पर था। जापान में मंदिरों के शहर में जब मैं दर्शन करने गया तो मैंने कहा कि जापान और हमारे बीच संबंध और दोनों की आपसी इतनी गहरी समझ है कि हमारे तिरंगे पर हमारा राष्ट्रीय चिन्ह अशोक चक्र है। जापान तो अपने यहां सूर्य देवता को ही लगाए हुए हैं। सीएम ने कहा हमसे वह तीन कदम आगे हैं। उनके यहां 3:30 घंटे पहले ही सूर्य नारायण आ जाते हैं। अपने बीच में भगवान बुद्ध की संस्कृति, गणेश जी, सरस्वती माता 28 अलग-अलग देवी देवता हैं। बस इतना ही फर्क है कि हमारे यहां शिव शक्ति भगवान शिव में माना जाता है। वहां वे सूर्य देवता को स्त्री रूप में मानते हैं। हमने कहा, जो मानना है मान लो। जापान तो हमारा बिछड़ा हुआ भाई है, जो हमको वापस मिल रहा है। हम जो नमस्ते करते हैं। हड़ताल में तालाबंदी नहीं करते जापान के लोग
जापान के लोग तो विनम्रता के साथ इतने झुकते हैं कि दया आ जाती है। जापान में काम के प्रति कर्मठता कैसी होती है कि जापान की फैक्ट्री में अगर हड़ताल करना है तो हड़ताल में तालाबंदी नहीं हो सकती। मान लो जूता बनाने वाली फैक्ट्री में हड़ताल करना है तो एक पांव का जूता जरूर बनाएंगे लेकिन हड़ताल भी करेंगे। हड़ताल करेंगे लेकिन काम बंद नहीं होगा भले कुछ भी हो जाए। प्राइवेट कंपनी में रिटायरमेंट की कोई सीमा नहीं। जब तक चले तब तक आदमी काम करता रहेगा। ये भी खबर पढ़ें.. सीएम बोले- एमपी में निवेश का अंडर करंट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी में निवेश का अंडर करंट है। सकारात्मक माहौल अब तक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिला है, जो ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आकार लेगा। प्रदेश में 24 और 25 फरवरी को होने वाली समिट में जापान पार्टनर कंट्री है। यहां से कई उद्योग लगाने का कमिटमेंट हुआ है। पढ़िए पूरी खबर।


