सीकर में आज मजदूर संगठनों ने सीटू के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया। ढाका भवन से कलेक्ट्रेट तक नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली। कलेक्ट्रेट पहुंचकर पीएम नरेंद्र मोदी व अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फोटो लगे पुतले को फूंका। सीटू के साथ मजदूर संगठनों के अलावा वामपंथी छात्र संगठन DYFI, SFI और CPI(M) के पदाधिकारी व कार्यकर्त्ता भी प्रदर्शन में शामिल रहे। इसके बाद जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आज पूरे प्रदेश के मजदूरों ने सामूहिक हड़ताल की है। बिहार में प्रदर्शन कर रहे मजदूरों के साथ पुलिस ने अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया। केंद्र सरकार ने मजदूर हितैषी 44 नियमों को हटाकर 4 लेबर कोड लागू कर दिए, ये मजदूरों पर कुठराघात है। लेबर कोड में मजदूरों के अधिकार छीनने का काम हुआ है। मजदूरी की गारंटी को खत्म किया जा रहा है।
पूर्व विधायक पेमाराम और SFI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा कि मजदूरों के हक नहीं कुचलने देंगे। केंद्र सरकार ने लेबर कोड लागू करके वेलफेयर बोर्ड के कानून को सोशल सिक्योरिटी कोड में शामिल कर दिया गया है, इससे मजदूरों को लेबर कोड में मिलने वाली सुविधाओं की अब कोई गारंटी नहीं बची है। मजदूरों के हक में लेबर कोड रद्द करने तक ये आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।
ज्ञापन में ये है प्रमुख मांगे:-
– लेबर कोड 2025 को रद्द किया जाए
– न्यूनतम वेतन 26000 रूपए किया जाए
– आंगनबाड़ी समेत सभी संविदाकर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए
– सार्वजनिक उद्योगों को प्राइवेटाइजेशन रोकें व ठेका प्रथा बंद हो
– बीवी-जी-रामजी को रद्द कर मनरेगा को बहाल किया जाए
– स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करते हुए बिजली के निजीकरण पर राेक लगे
– पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए
– निर्माण मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा अधिनियम-1996 व माइग्रेट वर्कर अधिनियम-1970 के तहत सुरक्षा दी जाए।


