सीकर के फौजी की क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। मंगलवार को पैतृक गांव मगनपुरा में हवलदार गिरधारी लाल कुमावत (33) का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। 6 साल के बेटे दिव्यांशु ने पिता को मुखाग्नि दी। सेना के अधिकारियों ने हवलदार गिरधारी लाल के बेटे दिव्यांशु और उनके भाइयों को तिरंगा सौंपा। इस दौरान भारत माता के जयकारे गूंजे। इससे पहले, खाटूश्यामजी कोतवाली से मगनपुरा गांव तक करीब 9 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाओं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी की आंखें नम थीं। पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के दौरान गिरधारी लाल की पत्नी संगीता कुमावत फूट-फूट कर रोने लगीं। वे बार-बार बेसुध हो रही थीं। देखिए, फौजी की अंतिम विदाई की PHOTOS… क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से हुई थी मौत उत्तराखंड के रुड़की में तैनात गिरधारीलाल कुमावत की रविवार (1 मार्च) शाम को क्रिकेट खेलते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। मैच के दौरान सीने में तेज दर्द उठने पर वे खुद ही बाइक से अस्पताल पहुंचे थे। जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। गिरधारी लाल 15 फरवरी को ही छुट्टी बिताकर गांव से ड्यूटी पर गए थे। क्लर्क के पद पर थे पोस्टेड गिरधारी लाल कुमावत साल 2013 में भर्ती हुए थे। जो रुड़की (उत्तराखंड) में 56 एपीओ BEG रिकॉड्र्स में क्लर्क के पद पर पोस्टेड थे। हवलदार गिरधारी लाल का पूरा परिवार इंदौर रहता है। गिरधारी 8 भाइयों में छठे नंबर के थे। गिरधारी के 6 भाई इंदौर में टाइल्स-मार्बल्स फिटिंग का काम करते हैं। एक भाई गणेश कुमावत रेलवे में पोस्टेड है। गिरधारी लाल के 8 भाइयों में सबसे बड़े लक्ष्मण कुमावत की मृत्यु हो चुकी है। कमल कुमार, राजेंद्र कुमार, गणेश, सांवर मल बड़े भाई हैं, जबकि सीताराम और छोटूराम छोटे हैं। इनपुट सहयोग:- लोकेश कुमावत, पलसाना … मामले से संबंधित ये खबर भी पढ़िए… क्रिकेट खेलते समय सीकर के फौजी को आया हार्टअटैक,मौत:सीने में दर्द उठा तो बाइक से पहुंचे हॉस्पिटल, इलाज शुरू होने पहले चली गई जान उत्तराखंड के रुड़की में तैनात सीकर निवासी फौजी की क्रिकेट खेलते समय हार्टअटैक से मौत हो गई। मैच के दौरान सीने में तेज दर्द उठने पर बाइक से अस्पताल पहुंचे। इलाज शुरू होने से पहले ही मौत हो गई।(पूरी खबर पढ़ें)


